गाजीपुर। 500 रुपये के लेनदेन विवाद में भाई की छोटे भाई ने गांव के दो साथियों संग ईंट पत्थर से कूचकर हत्या कर दी। छोटे भाई समेत तीन के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच की है। पुलिस दोनों के नशे में होने के कारण विवाद बढ़ने की बात कह रही है।
थानाक्षेत्र के गांव दरौली निवासी वीरेंद्र सविता (42) प्लंबर था। उसका बड़ा भाई राकेश और छोटा राजेंद्र, अनिल हैं। अनिल ने बताया कि राजेंद्र ने कुछ दिन पूर्व वीरेंद्र को 500 रुपये उधार दिया था। वीरेंद्र से शनिवार रात करीब आठ बजे भाई राजेंद्र रुपये की मांग कर रहा था। इस बीच राजेंद्र ने वीरेंद्र का पाइप खोलने वाला रिंच छीन लिया। रुपये लौटाने पर रिंच देने की बात कही। इस बात पर दोनों के बीच मारपीट हो गई। राजेंद्र ने अपने सहयोग में पड़ोसी सोनी लोधी उर्फ गगरा और विक्रम लोधी को बुला लिया। तीनों ने वीरेंद्र पर हमला किया। ईंट से सिर पर कई वार किए। ग्रामीणों के मुताबिक लहूलुहान हालत में वीरेंद्र बाइक से थाने और सीएचसी पहुंचा। सीएचसी से डॉक्टर ने हालत नाजुक देखकर जिला अस्पताल रेफर किया। जहां इलाज के दौरान वीरेंद्र ने भोर पांच बजे दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर बांदा जिले के कायल निवासी ससुर राजकुमार व पत्नी, बेटे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पुलिस ने भाई राजेंद्र व विक्रम को हिरासत में लिया है। घटनास्थल की पुलिस व फॉरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंची। थानाध्यक्ष प्रमोद मौर्या ने बताया कि रुपयों के लेनदेन पर विवाद हुआ। नशे में होने के कारण विवाद बढ़ गया। छोटे भाई समेत तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
पड़ोसियों ने रंजिश में वीरेंद्र पर हमला किया
गाजीपुर। भाइयों के बीच विवाद में पड़ोसियों ने खुन्नस में वीरेंद्र को पीटा। उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि मारपीट में वीरेंद्र की मौत हो जाएगी। ग्रामीणों में चर्चा है कि बाहरी दोनों युवक वीरेंद्र पर हमलावर नहीं होते तो उसे गंभीर चोट नहीं आती और उसकी जान भी बच सकती थी।
गांव दरौली में वीरेंद्र और राजेंद्र आपस में लेनदेन को लेकर विवाद कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि विवाद के दौरान शोर सुनकर पड़ोसी सोनी लोधी उर्फ गगरा और विक्रम लोधी पहुंच गए। दोनों एक परिवार के हैं। उन्हें कुछ दिन पहले पता लगा था कि वीरेंद्र उन लोगों को पीठ पीछे गाली गलौज करता है। मौका मिलते ही दोनों वीरेंद्र पर खुन्नस के कारण टूट पड़े। दोनों के हमले में वीरेंद्र के सिर में गहरी चोट लग गई। घायल वीरेंद्र थाने और सीएचसी कैसे पहुंचा, यह स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। कुछ गांव के लोगों ने बताया कि वीरेंद्र अकेले ही लहूलुहान हालत में थाने बाइक लेकर पहुंचा था। जहां उसकी बाइक खड़ी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि घायल सीधे सीएचसी गया है। वह थाने नहीं आया। बाइक सीएचसी से आई है। उधर, सीएचसी प्रभारी पंकज गुप्ता ने बताया कि किसी व्यक्ति के साथ वीरेंद्र आया था। रेफर किए जाने के समय तक वीरेंद्र होश में था। सवाल यह भी पैदा होता है कि वीरेंद्र के साथ आखिर कौन था।
विवाद के पीछे एक महिला की भूमिका
परिवार की एक महिला की भाइयों और पड़ोसियों को बुलाने की चर्चा सामने आई है। दिवंगत की मां अनसुइया बोली कि चाहे उसका सबकुछ बर्बाद हो जाए, लेकिन महिला को सजा मिले। पुलिस ने महिला को थाने में पूछताछ के लिए बैठाया है। ग्रामीणों ने बताया कि घटना में महिला का अहम रोल है। महिला कुछ दिन पहले पड़ोसी हमलावरों के घर में काम से गई थी। जहां उसने वीरेंद्र के खिलाफ पड़ोसियों को भड़काया था। भाइयों के बीच रात को विवाद होने पर शोर मचाकर उसने ही पड़ोसियों को बुलाया था।