लोधीगंज हाईवे पर बंद बीयर शॉप
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शराब के शौकीनों को शनिवार से दुकानों की तलाश में दौड़ लंबी करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हाईवे की सभी दुकानों में तालाबंदी हो गई। 84 ने समय रहते अपने लिए नई जगह चुन ली। हालांकि बाकी पशोपेश में फंसे हैं। सड़क दुर्घटनाओं के पीछे शराब पीकर ड्राइविंग को बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट ने माना है। इसी वजह से हाईवे मार्गों से दुकानें हटाने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। उस याचिका को भी कोर्ट ने शुक्रवार को निरस्त कर दिया।
जिले में डीसीआरबी (डिस्ट्रिक क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) के मुताबिक हाईवे मार्गों पर हर दिन औसतन एक मौत होती है। जिले की हाईवे सीमा पर कुल 118 अंग्रेजी, बियर, देशी शराब की दुकानें हैं। यह दुकानें राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा मुगल राजमार्ग, बांदा टांडा राजमार्ग पर हैं। दुकानों से उपभोग राजस्व और व्यवस्थापन लाइसेंस फीस का राजस्व करीब 46 करोड़ के करीब है। हाईवे पर स्थित शराब दुकानों की बिक्री बाकी स्थानों की तुलना में कई गुना है।
पिछले सत्र में विभाग को कुल राजस्व साढ़े 45 करोड़ मिला था। आबकारी अधिकारी पीसी पाल ने बताया कि हाईवे मार्गों पर शराब दुकानों का शनिवार से संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है। एक भी हाईवे पर दुकान नहीं खुली है। जिले में 84 हाईवे की दुकानें पांच सौ मीटर दूरी पर शिफ्ट हो गई हैं। बाकी दुकानों का व्यवस्थापन शुरू कराने के लिए अनुज्ञापी जगहें तलाश रहे हैं। अगर उन्हें जगह नहीं मिलती तो वे दुकानें सरेंडर करेंगे। जिन्हें लॉटरी में डाला जाएगा। इनसेट : रिन्युवल पहले होने से फंसे अनुज्ञापी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के साथ मार्च माह में होने वाले शराब की दुकानों के रिन्युवल पर रोक लगाई थी। प्रदेश में चुनाव होने की आहट से कोर्ट का आदेश आने से पहले ही दुकानों के रिन्युवल हो गए थे। इस सालदो अंग्रेजी और तीन बियर की नई दुकानें भी बढ़ी हैं। रिन्युवल के दौरान अनुज्ञापी लाइसेंस फीस का काफी हिस्सा जमा कर चुके थे।