फोटो-26-खांधी कटने के बाद एक खेत से दूसरे गेंहू के खेत में भरता पानी। संवाद
चौडगरा। रामगंगा नहर की पटरी कटने से बुधवार शाम किसानों की मुसीबत बढ़ गई। मलवां ब्लॉक के मौहार गांव के पास सैकड़ों बीघा खेत पानी से लबालब हो गए और गेहूं की फसल डूब गई। सूचना के बावजूद अधिकारियों के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी देखी।
बुधवार की शाम रामगंगा नहर की पटरी अचानक कट गई। नहर का पानी खेतों में भरने लगा तो किसानों में खलबली मच गई। करीब 200 बीघा क्षेत्र में बोई गई गेहूं की फसल जलभराव की चपेट में आ गई। नहर कटने की जानकारी मिलते ही किसान अपने-अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े। ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने जेसीबी मशीन बुलवाकर कटी हुई पटरी पर खांदी बांधने का काम शुरू कराया। इसके बाद नहर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुट गए।
किसान मुनीम सिंह चौहान, राजबहादुर सिंह गौर, संतोष सिंह, चुन्ना सिंह गौतम, गोरे यादव, बौना यादव, मुन्ना सिंह गौतम, पप्पू द्विवेदी समेत कई किसानों ने बताया कि क्षेत्र में गेहूं की बुवाई देर से हुई है। ऐसे में जलभराव से फसल पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका है। खेतों से पानी निकलने का कोई समुचित रास्ता न होने से परेशानी और बढ़ गई है।
इस संबंध में अवर अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिन पहले ही नहर में पानी छोड़ा गया था। पटरी में साइफन होने के कारण करीब सात फीट चौड़ाई में कटाव हुआ है। उस समय नहर में लगभग 600 क्यूसेक पानी बह रहा था। मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।