फतेहपुर। जिले में साधन संपन्न लोग ही गरीबों का राशन हजम कर गए। इसका खुलासा पूर्ति विभाग की ई-केवाईसी की जांच व सत्यापन में हुआ। जांच में 5177 ऐसे आयकरदाताओं के नाम सामने आए हैं, जो लंबे समय से मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। उनका कार्ड निरस्त किया गया है।
जिले में संचालित 1098 कोटे की दुकानों से 36783 अंत्योदय कार्डधारकों के 1 लाख 83 हजार 915 सदस्यों को प्रति माह 35 किलोग्राम राशन मुफ्त मिलता है। इसी तरह पांच लाख पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के 20 लाख 10 हजार सदस्यों को प्रतिमाह पांच किलोग्राम राशन मुफ्त मिलता है। निशुल्क राशन का लाभ लेने के लिए तमाम लोगों ने नियमों को दरकिनार कर राशन कार्ड बनवा लिया हैं।
कई पात्र परिवार कार्ड बनवाने के लिए परेशान हैं, वहीं अपात्र मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे थे। पिछले दिनों शासन ने राशन कार्डधारकों के परिवार में शामिल सभी सदस्यों की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी थी। ई-केवाईसी से अपात्रों की पहचान हो रही हैं। अब तक आधार कार्ड व पैनकार्ड के मिलान में 5177 ऐसे लोगों का नाम प्रकाश में आया है, जो आयकरदाता हैं। पूर्ति विभाग ने स्थलीय सत्यापन कर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके कार्ड निरस्त कर दिए।
- 2661 यूनिटों को भी किया गया निरस्त
जिले में शासन ने 3257 ऐसी महिलाओं की सूची भेजी थी, जिनके पति की मौत हो चुकी थी। लेकिन निराश्रित महिलाओं ने राशन कार्ड से पति का नाम नहीं हटवाया था। वे पति के नाम का भी राशन ले रही थी। उसका भी सत्यापन करते हुए पूर्ति विभाग ने राशन कार्ड से 2661 दिवंगत यूनिटों को निरस्त किया है।
-पात्रों के बन रहे कार्ड
जिले में बीते साल कोटा पूरा हो जाने का हवाला देकर नए राशन कार्ड बनाने बंद हो गए थे। अभी भी तमाम पात्रों का अब तक राशन कार्ड नहीं बन पाए। आयकरदाताओं के कार्ड निरस्त होने के बाद नए कार्ड बनने लगे हैं।
सत्यापन के बाद आयकरदाताओं के कार्ड निरस्त किए गए हैं। अब अन्य पात्र लोगों के नाम सूची में जोड़े जाएंगे।- सुनील पुष्कर, जिला पूर्ति अधिकारी