अमौली। ईंट-भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर लगातार तीन वर्षों से कारोबारी घाटे से उबरने के लिए रणनीति बनाई। तय हुआ कि अब जिलेभर में सभी भट्ठा मालिक तय कीमत पर ही ईंटों की बिक्री करेंगे। पालन न करने वाले भट्ठा मालिकों से प्रति ट्राली दस हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
यूनियन के बिंदकी अध्यक्ष वेद वर्मा ने लगातार तीन साल से व्यापार में होने वाले नुकसान व बारिश में कच्ची ईट बर्बाद हो जाने की बात कही। संगठित होकर लागत मूल्य को देखते हुए निश्चित दर पर ईंट बिक्री पर जोर दिया गया। महामंत्री संजय गुप्ता ने भट्ठा स्वामियों से कागजी कार्रवाई पूरी करने व समय से सरकारी टैक्स जमा कर सम्मान से व्यापार करने को कहा। उपाध्यक्ष प्रमोद शुक्ला ने निश्चित की गयी दरों में बिक्री करने पर बल दिया। कहा कि ईंट का रेट पांच वर्ष पूर्व जो था उससे भी कम पर बिक रहा है जबकि कोयला, लेबर के रेट डेढ़ गुना बढ़ चुके हैं।
आपसी विचार-विमर्श के बाद पांच वर्ष पुराने रेट पर ही सहमति बनी। इस आधार पर प्रथम किस्म की ईंट 7500 रुपये, द्वितीय व सीधा खनजल 7000 रुपये, टेढ़ा 5500 रुपये, गोंडिया 4500 रुपये व तृतीय 4000 रुपया प्रति हजार ईंट की दर से बेचने का निणर्य लिया गया। यह भी तय हुआ कि जो इसका पालन नहीं करेगा उससे 10 हजार रुपये प्रति ट्राली का जुर्माना वसूल किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व विधायक आदित्य पांडेय, अभिलाष गुप्ता, अवधेश तिवारी, अमन उमराव, सरोज पटेल सहित सभी भट्ठा व्यवसायी मौजूद रहे।
प्रथम किस्म की ईंट 7500 रुपये
द्वितीय व सीधा खनजल 7000 रुपये
टेढ़ा 5500 रुपये, गोंडिया 4500 रुपये
तृतीय 4000 रुपये, प्रति हजार ईंट
की दर से बेचने का निणर्य लिया।