अमौली ब्लाक क्षेत्र में सब्जी, मसाला की खेती करने का प्रशिक्षण देते कृषि वैज्ञानिक
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अमौली विकास खंड के बबई गांव में बुधवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सब्जी और मसाले की खेती के गुर बताए।
कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने संकर मिर्च की खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिर्च की खेती में अधिक मुनाफा होगा। महंगाई के दौर में किसान सब्जी व मसाले की खेती व्यावसायिक रूप में कर सकता है। वैज्ञानिक डॉ. नौशाद आलम ने कहा कि सब्जी की खेती में किसान जैविक खाद का प्रयोग करें। जैविक खाद से ही फसलों में अच्छी पैदावार का लाभ मिलेगा। इसके प्रयोग से खेत की मिट्टी भी उपजाऊ रहेगी।
उद्यान विभाग के योजना प्रभारी वीके सिंह ने प्याज की अगेती खेती के विषय में बताया। कहा कि एक हेक्टेयर खरीफ प्याज की नर्सरी तैयार करने के लिए 500 वर्ग मीटर में बीज की बुआई होनी चाहिए। खरीफ बीज के लिए एग्रीफाउंड डार्क रेड प्रजाति के बीज में अच्छी प्याज की गांठ आएगी। इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव, संजीव कुमार शर्मा, केपी सिंह, शब्बीर हुसैन, सत्यप्रकाश तिवारी मौजूद रहे।