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शहरी इलाकों में पानी को मचा हाहाकार

Sun, 05 Jul 2015 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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शहर के दस से ज्यादा घनी आबादी के इलाकों में पानी का जबरदस्त संकट है। महीने भर से ज्यादा समय से शहर की एक बड़ी आबादी को जरूरत का मुश्किल से 55 प्रतिशत पानी ही मिल पा रहा है। हाल यह है कि रोजमर्रा के कामों में लोगों को कंजूसी बरतनी पड़ रही है। कपड़ों की धुलाई और स्नान आदि के लिए लोग हैंडपंप और कुओं में लाइन लगा रहे हैं। क्षतिग्रस्त पाइप लाइनें दुुरुस्त न किए जाने व बेपटरी विद्युत आपूर्ति से लोगों में पालिका प्रशासन व जलकल विभाग के खिलाफ आक्रोश है। उधर, जलकल विभाग समस्या से यह कह कर पल्ला झाड़ रहा है कि विद्युत आपूर्ति न होने से पानी का संकट है।
शहर की करीब 2 लाख की आबादी की जलापूर्ति के  लिए नगर पालिका परिषद के पास 45 नलकूपों की व्यवस्था है। इनमें गढ़ीवा और मूसेपुर के दो नलकूप जलापूर्ति के लिए बिछी लाइन खराब होने के कारण बंद पड़े हैं। इसके अलावा कोई भी दिन ऐसा नहीं होता है, जब दो से तीन नलकूप तकनीकी खराबी से बंद न रहते हों। ऐसी हालत में साफ है कि औसतन 40 नलकूपों से ही जलापूर्ति हो पा रही है। एक नलकूप प्रति मिनट हजार लीटर की जलापूर्ति करता है। इस तरह से एक घंटे में एक नलकूप 60 हजार लीटर पानी डिस्चार्ज करता है। सुबह, दोपहर और शाम के समय 2-2 घंटे मिलाकर कुल 6 घंटे नलकूपों का संचालन हो पा रहा है। इस तरह से सभी 40 नलकूप छह घंटे में कुल 1 करोड़ 44 लाख लीटर पानी डिस्चार्ज करते हैं। अगर इससे पाइप लाइन में होने वाले पानी का नुकसान शामिल भी न किया जाए, तो दो लाख की आबादी में प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में सिर्फ 72 लीटर पानी आता है। खास बात तो यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को 24 घंटे में 135 लीटर पानी की आपूर्ति का मानक है, जो वर्तमान समय में मिलने वाले पानी से 63 लीटर कम है।  ऐसी हालत में साफ है कि बिजली संकट के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। खास बात तो यह है कि अगर किसी मोहल्ले की आपूर्ति खराब होती है, तो जलापूर्ति और अधिक प्रभावित होती है। ऐसी हालत में लोगों को 72 लीटर में से भी कम पानी की आपूर्ति मिलती है।
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इंसेट
तीन शिफ्टों में सिर्फ छह घंटे आपूर्ति
फतेहपुर। जलकल विभाग 24 घंटे में तीन शिफ्टों में जलापूर्ति करता है। वह भी बिजली आपूर्ति पर निर्भर है। सुबह 8 बजे से 10 बजे तक, दोपहर में 12 बजे से 2 बजे तक तथा शाम को 6 बजे से 8 बजे नलकूपों के संचालन का समय निर्धारित है।

इंसेट
दस प्रतिशत से ज्यादा पानी होता बर्बाद
फतेहपुर। नलकूपों से डिस्चार्ज होने वाले पानी का 10 प्रतिशत बेकार चला जाता है। पाइप लाइन लीकेज या फिर लोग चोरी से कनेक्शन जोड़कर यह पानी बर्बाद कर देते हैं। इससे जलापूर्ति पर खासा प्रभाव पड़ता है।

इंसेट
तेजी के साथ गिर रहा जलस्तर
फतेहपुर। बारिश में विलंब के कारण तेजी के साथ जलस्तर खिसक रहा है। ऐसे में अगर बरसात होने में और देरी होती है, तो जलापूर्ति और अधिक प्रभावित होना तय है। हलांकि नगर पालिका परिषद ने जलस्तर घटने की समस्या से निपटने के लिए पहले से ही कमर कस चुकी है। सभी नलकूपों में 80 फीट के बजाए 120 फीट डिलीवरी लोड कराई जा चुकी है।
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कोट
जलापूर्ति के लिए नगर पालिका परिषद के पास संसाधनों की कमी नहीं है। अगर पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिले तो पानी की कभी दिक्कत हो ही नहीं सकती है, लेकिन बिजली न मिलने के कारण 24 घंटे में मुश्किल से 6 घंटे नलकूप चल पा रहे हैं। ऐसी हालत में कुछ मोहल्लों में लोगों को पर्याप्त पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। - गौरीशंकर पटेल, अवर अभियंता, जलकल विभाग।
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