यूक्रेन से लौटे छात्र विभव का मुंह मीठा करती मां व फूल माला पहनाकर स्वागत करते पूर्व सांसद अशोक प?
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फतेहपुर। चार साल पढ़ाई तो अच्छी रही लेकिन आखिरी सत्र में युद्ध ने ऐसी यादें दीं, जो जीवन भर ताजा रहेंगी। यूक्रेन से लौटे एमबीबीएस आखिर वर्ष के छात्र विभव लोधी शुक्रवार को घर पहुंचे तो उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। बताया कि दो रातें उन्होंने बंकर में गुजारीं। दहशत की वजह से वे सो नहीं सके। हमला होने पर बजने वाले सायरन से रूह कांप जाती थी।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती हमारे सामने रोमानिया सीमा तक पहुंचने की थी। हमारे करीब 50 साथियों ने आपस में मिलकर रुपये एकत्रित किए और रोमानिया सीमा तक जाने के लिए 26 फरवरी को एक बस बुक की। अगले दिन 27 फरवरी को वे सभी रोमानिया सीमा पर पहुंचे। वहां पहुंचकर कुछ दहशत कम हुई। वहां से एयरफोर्स के जहाज से गुरुवार को गाजियाबाद पहुंचे, वहां से यूपी भवन दिल्ली गए। जहां से चार पहिया वाहन से घर भेजा गया।
लोधीगंज निवासी विभव यूक्रेन एमबीबीएस करने गए थे। उनके पिता घनश्याम लोधी मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं। घर वापसी पर माता-पिता ने बेटे का मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बेटे को देख दोनों भावुक हो गए और गले लगा लिया। आगे की पढ़ाई के बारे में बताया कि जब तक हालत सामान्य नहीं होते, कुछ नहीं कहा जा सकता है।
वहीं शहर के शादीपुर चौराहे पर स्थित सागर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. महेश मिश्रा के दोनों बेटे हर्ष व उदय तथा सिविल लाइंस निवासी हरिश्चंद्र मिश्रा के पुत्र अंकित के शनिवार को घर पहुंचने की संभावना है। जयराम नगर निवासी डॉ. अरविंद कुमार गुप्त के पुत्र आशुतोष गुप्त बुड्डा पेस्ट दूतावास में रुके हुए हैं।