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Fatehpur News: पानी की बोतल उठाते समय स्कूली बस की टक्कर से यूकेजी के छात्र की मौत

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फोटो-47- घटना स्थल पर खड़ी बस। संवाद
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असोथर (फतेहपुर)। स्कूल बस की टक्कर से सोमवार दोपहर करीब तीन बजे पांच साल के यूकेजी छात्र की मौत हो गई। हादसे के पीछे बस में परिचालक न होने की लापरवाही का आरोप लगाकर परिजन ने हंगामा किया। करीब एक घंटे बाद परिजन को समझाकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी। मौके पर एआरटीओ भी जांच को पहुंचे और बस के कागजात सही पाए।
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चंद्रगढ़ लखनहा मजरे ऐंझी गांव निवासी मुकेश चौहान का पांच वर्षीय पुत्र कार्तिकेय लवकुश इंटर कॉलेज असोथर में यूकेजी का छात्र था। उसका बड़ा भाई किशन कक्षा एक में पढ़ता है। दोनों रोज की तरह दोपहर करीब तीन बजे स्कूल बस से गांव पहुंचे। बस से उतरने के बाद कार्तिकेय की पानी की बोतल बैग से निकलकर अगले टायर के पास गिर गई।

बोतल उठाने के लिए वह झुका ही था कि चालक ने बस आगे बढ़ा दी। टक्कर से उसके सिर में गंभीर चोट आई। किशन के शोर मचाने पर ग्रामीण जुट गए। हादसे के बाद चालक बस छोड़कर भाग निकला। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में बेसड़ी गांव के पास उसकी मौत हो गई।
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घटना की सूचना पर अन्य बच्चों के परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चों को घर ले गए। इसके बाद परिजन व ग्रामीणों ने गांव के मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि बस में परिचालक नहीं रहता है इसी वजह से हादसा हुआ। परिचालक होता तो बच्चे को सुरक्षित उतारता। अधिकारियों व स्कूल प्रबंधक को मौके पर बुलाने की मांग की गई।
करीब एक घंटे बाद कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए। थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि बस को कब्जे में ले लिया गया है और तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। एआरटीओ प्रतीक मिश्रा ने बताया कि वाहन की जांच में बस फिट पाई गई।


100 रुपये की बोतल ने ले ली जान
हादसे से कार्तिकेय के पिता मुकेश, मां अंजनी और भाई किशन का रो-रोकर बुरा हाल है। मां ने कहा कि 100 रुपये की बोतल ने बेटे की जान ले ली, बस के नीचे गई बोतल को जाने देता तो बेटा बच जाता।


प्रबंधक बोले अवकाश में है परिचालक
प्रबंधक लवकुश सिंह ने बताया कि बस में सामान्यतः परिचालक रहता है लेकिन वह पारिवारिक शादी के कारण छुट्टी पर है। उन्होंने बिना परिचालक बस ले जाने से चालक को मना किया था लेकिन चालक बच्चों को छोड़ने की बात कहकर बस ले गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बस में कभी भी परिचालक नहीं रहता है।

फोटो-47- घटना स्थल पर खड़ी बस। संवाद

फोटो-47- घटना स्थल पर खड़ी बस। संवाद

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