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विजया बनी महिलाओं के लिए उद्यम की प्रेरणा स्रोत

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शोरूम में पुतलों के साथ खड़ी विजया तिवारी। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। शहर के आईटीआई रोड की रहने वाली विजया तिवारी महिलाओं को लिए प्रेरणा स्रोत बनी हैं। कोलकाता में पिता की आढ़त के काम में हाथ बंटाने वाली विजया तिवारी शहर के पटेलनगर चौराहे के समीप डिजाइनर कपड़ों का शोरूम(नारी) चलाकर महिलाओं को व्यवसाय करने की राह दिखा रही हैं। महिलाओं की जगह पर घर पर किचन तक ही सीमित नहीं बल्कि वे व्यवसाय करके भी समाज में खुद को स्थापित कर सकती हैं।
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कोलकाता में जन्मी विजया तिवारी अपने पिता अयोध्या प्रसाद शुक्ला की आढ़त में हाईस्कूल के समय से ही हाथ बंटाने लगीं थीं। पार्टियों की डीलिंग से लेकर फोन अटेंड करना उनका शौक था। स्नातक के बाद उन्होंने डिजाइनर का कोर्स किया। उनकी शादी 2003 में शहर के आईटीआई रोड निवासी सुमित तिवारी से हो गई। 14 साल तक वे घरेलू महिला बनकर रहीं। उनके दो बेटियां एक बेटा है। बड़ी बेटी कक्षा आठ की छात्रा है। पति सुमित तिवारी ठेकेदारी करते हैं। वह बार-बार पिता के व्यवसाय की पति से चर्चा करती थीं। ऐसे में पति ने 2017 में पटेलनगर चौराहे के समीप आईटीआई रोड पर डिजाइनर कपड़ों का नारी नाम से शोरूम खुलवा दिया। शुरुआत में काम अच्छा चला, तो विजया तिवारी ने चार कारीगर और तीन महिला सेल्सपर्सन रखे।
2019 मेें लॉकडाउन हुआ और शोरूम में ताला बंद हो गया। दूसरी लहर में व्यवसाय पूरी तरह से चरमरा गया। विजया ने बताया कि शोरूम बंद होने से वह हताश थीं, लेकिन उनके ग्राहक फोन पर बराबर जानकारी लेते थे, क्योंकि उनके जैसे डिजाइन किए कपड़े और किसी शोरूम में नहीं मिल पाते। ऐसे में दूसरी लहर थमने के बाद उन्होंने फिर शोरूम में बैठना शुरू किया। और फिलहाल दो कारीगर एक महिला सेल्सपर्सन से काम चला रही हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी महिला पुरुष की अपेक्षा अच्छा व्यवसाय बढ़ा सकती है। उसमें हिम्मत और लगन के साथ काम करने की क्षमता की आवश्यकता है। बताया कि सीजन के मौके पर कारीगर और महिला सेल्समैनों की संख्या बढ़ा लेती हैं।
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