धाता। धाता और खरसेड़वा उपकेंद्र से जुड़े करीब 125 गांवों की एक लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्र में 30 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। बिजली न होने से इन गांवों में पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है।
गुरुवार सुबह नौ बजे से शुक्रवार दोपहर बाद तक आपूर्ति बाधित रही। दोनों उपकेंद्र को मिलने वाली 33 हजार की लाइन में फॉल्ट से यह स्थिति पैदा हुई है।
प्रभावित गांवों में बिजली न होने से लोगों के सामने पीने के पानी की गंभीर समस्या हो गई है। इसके अलावा मोबाइल चार्जिंग, पंखा, कूलर सहित सभी उपकरण बंद हो गए। गर्मी और उमस के बीच लोगों का दिन का चैन और रात की नींद हराम हो गई। रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी से लोग घरों से बाहर भी नहीं सो सकते।
अवर अभियंता अजय कुमार का कहना है कि गुरुवार सुबह नौ बजे से दोपहर तक मरम्मत के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके बाद बारिश के कारण विद्युत लाइनों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से आपूर्ति प्रभावित है।
पहली बारिश में ही डिस्क, इंसुलेटर आदि जगह-जगह से फॉल्ट हुए। इससे लाइनें ब्रेकडाउन हो गईं। विद्युत विभाग की टीमें लगातार काम में जुटी रही और खराबी दूर कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया। कई जगह अब भी समस्या है, लेकिन उसे जल्द ही दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।