फतेहपुर। भाजपा के अयाह शाह विधानसभा विधायक आवास में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के आरोप की जांच पुलिस ने पूरी की है। विधायक को क्लीन चिट मिल गई है। डराने धमकाने के लिए विधायक आवास में होने की बात आरोपी ने किशोरी से कही थी। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट के तहत सामूहिक दुष्कर्म और साजिश रचने के आरोप में जेल भेजा है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव कक्षा 6 की 12 वर्षीय छात्रा 10 जून की भोर घर से जंगल जा रही थी। तभी शहर कोतवाली क्षेत्र के राधानगर आंदोली पुलिया निवासी शुभम गुप्ता, राहुल कश्यप, संदीप पटवा किशोरी को अगवा कर ले गए थे। किशोरी के बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर दिया था। 22 जून को किशोरी के पिता ने एसपी से मामले में शिकायत कर बेटी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। इस दौरान किशोरी के पिता
का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें भाजपा विधायक विकास गुप्ता उर्फ बबलू के आवास में सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की बात कही। इस पर पुलिस प्रशासन चौकन्ना हुआ। पुलिस ने राधानगर के पास से शनिवार को राहुल कश्यप, संदीप पटवा, शुभम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस लाइन में एसपी सतपाल अंतिल ने बताया आरोपियों की निशानदेही पर फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपी का सीडीआर निकाला गया। उसके बाद किशोरी से मौके की पहचान कराई गई। जिसमें
स्पष्ट हुआ रायबरेली जिले के सरेनी थाना रामपुर कला निवासी बबलू सिंह तोमर के बंगले में आरोपी शुभम ने दो दिन तक किशोरी को रखा था। वही दुष्कर्म भी किया। उसके पहले संदीप की राधानगर स्थित कॉस्मेटिक दुकान में किशोरी को ले गए थे। जहां संदीप, राहुल और शुभम में किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी शुभम ने किशोरी
को डराने के लिए बबलू भैया के आवास में होने की बात कही थी। यही बात पीड़िता ने परिजनों को लौटने पर बताई। इधर, विधायक विकास गुप्ता को भी लोग बबलू भैया कहते हैं। इसी वजह से किशोरी के पिता को भ्रम हो गया और उसने वीडियो वायरल में विधायक आवास में घटना होना बताया। आरोपी शुभम गुप्ता, बबलू सिंह का ड्राइवर है। बबलू सिंह जिले की मौरंग खदान कारोबार से जुड़ा है। पुलिस ने बबलू सिंह को भी आरोपी बनाया है। बबलू सिंह पुलिस की पकड़ से दूर है।
फतेहपुर। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने लापरवाही की हद पार की है। विवेचक शाह चौकी इंचार्ज को लापरवाही बरतने में निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है। वहीं
पर्यवेक्षण अधिकारी सीओ जाफरगंज और एसओ के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। किशोरी के अगवा होने के बाद परिजन संदिग्ध आरोपी संदीप को पकड़कर चौकी पुलिस के पास ले गए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी शुभम गुप्ता को छोड़कर संदीप और राहुल के खिलाफ की किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की
थी। किशोरी की बरामदगी के बाद बयान के आधार पर आरोपियों को पुलिस ने दो दिन में ही क्लीन चिट दे दी। पुलिस ने पीड़िता के नाबालिग होने के बाद भी उसके परिजनों की सुनवाई नहीं की। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया विवेचक अमित सिंह को निलंबित किया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर एफआईआर भी दर्ज होगी। पर्यवेक्षण अधिकारी सीओ जाफरगंज और एसओ गाजीपुर के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच बैठाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फतेहपुर। आरोपी किशोरी को 10 जून की भोर गांव के बाहर से ले गए थे। उसके बाद आरोपी संदीप ने कॉस्मेटिक दुकान में रखा। दुकान से शाम को राहुल बहुआ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस के पीछे लगे आरओ प्लांट में किशोरी को ले गया था। यहां से रात को शुभम किशोरी को लेकर रायबरेली चला गया। रायबरेली से 11 जून को किशोरी
को लेकर शुभम हसवा कस्बे आया। यहां रानी तालाब और हसवा सीएचसी के आसपास घुमाता रहा। उसके बाद शाम को फिर लेकर रायबरेली चला गया। 12 जून को रायबरेली से लेकर निकला और अपने एक दोस्त की मौसी के घर हुसैनगंज थाना के भगलापुर गांव में रुका। जिसके बाद 13 जून को संदीप के पास लेकर पहुंचा था। तभी पुलिस ने आरोपियों से किशोरी को बरामद कर लिया था।