फतेहपुर। नीलगाय को मारने के विरोध पर किसान की बेरहमी से हत्या करने वाले तीन आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को दोषी करार दिया। न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने तीनों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
ललौली थाना क्षेत्र के दतौली निवासी रमाकांत द्विवेदी उर्फ बच्चा किसान थे। नौ नवंबर 2012 की शाम वह खेत से बेटे अरविंद के साथ घर लौट रहे थे। इसी समय गांव के सुलेमान पुत्र सद्दाम, एक नाबालिग बेटे और गाजीपुर थाना क्षेत्र के ककरार गांव के इलाही का डेरा निवासी भांजे हजरत के साथ नीलगाय को मार रहे थे। रमाकांत ने विरोध किया तो चारों ने उसे गाली-गलौज की और हत्या की धमकी दी।
रात करीब नौ बजे रमाकांत नलकूप पर सोने पहुंचे थे। तभी सद्दाम तमंचा और अन्य आरोपी कुल्हाड़ी, बांका लेकर पहुंचे। यहां दोनों के बीच बहस हुई। इसके बाद सभी ने मिलकर रमाकांत पर जानलेवा हमला किया। पिता की चीख-पुकार पर बेटा अरविंद पहुंचा तभी उसके सामने ही सद्दाम ने तमंचे से गोली मारकर रमाकांत की हत्या कर दी।
पुलिस ने चारों को 11 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार किया था। उस समय एक आरोपी नाबालिग था इसलिए उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है। मुकदमे के दौरान बाकी तीनों के खिलाफ सात गवाह पेश हुए।
कोर्ट ने हजरत, सुलेमान और सद्दाम को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं दोषी सद्दाम को आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने दोषियों को फांसी की सजा की भी मांग की थी।
फोटो-40-आरोपी सुलेमान। संवाद
फोटो-40-आरोपी सुलेमान। संवाद