बैरियर निरीक्षण के दौरान रोडवेज कर्मियों को हिदायत देते एसपी व सीओ सिटी।
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जिले में गुरुवार को एसपी ने अपनी ऑरेंज स्कीम का रिहर्सल कराया। कई जगह काम अच्छा दिखा, लेकिन पथरकटा में तैनात पुलिस वाले सुस्त थे। बैरियर एक कोने में पड़ा और वे औपचारिकता निभा रहे थे। नाराज एसपी ने उन्हें साढ़े तीन घंटे और ड्यूटी बजाने की सजा सुनाई। इसके साथ अन्य को भी सजग रहने की हिदायत दी गई।
ऑरेंज स्कीम का रिहर्सल गुरुवार सुबह दस से दोपहर डेढ़ बजे तक चला। रिहर्सल के दौरान 215 वाहनों का चालान हुआ। डिजाइन नंबर डलवाने वालों की दस बाइकें सीज की गईं। एसपी कलानिधि नैथानी दफ्तर जाते समय निर्देश का हाल जानने निकले। रोडवेज कर्मचारियों ने डग्गामार वाहनों की शिकायत की। जल्द ही बंदोबस्त करने का भरोसा दिया गया। साथ ही उन्हें हिदायत दी गई कि बस के चलते कहीं जाम नहीं लगना चाहिए।
एसपी ने दोपहर में बैरियरों का हाल देखा। पथरकटा चौराहे पर बैरियर सुबह से दोपहर तक सड़क पर एक कोने में पड़ा था। यह देख उन्होंने कार्रवाई रजिस्टर मंगाया तो वह भी सुस्ती की गवाही दे रहा था। यहां तैनात टीम की ड्यूटी साढ़े तीन घंटे बढ़ाकर एसपी ने सजा दी। नगर पालिका तिराहा बैरियर पर पुलिस कर्मी मस्त अंदाज में बैठे रहे। वहीं डाक बंगले के पास पुलिस कर्मी नहीं दिखे। इनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कहा गया।
पांच कलस्टर मोबाइल संभाले रही 20 बैरियर- अति संवेदनशील परिस्थितियों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कांबिग के लिए एसपी की गठित ऑरेंज स्कीम में पांच कलस्टर मोबाइल बनी है। यह 20 बैरियरों की जिम्मेदारी संभाले रहीं। कलस्टर प्रभारी के अंडर में हर बैरियर में दो उपनिरीक्षकों व दो सिपाहियों की ड्यूटी लगी थी।
पांच जोन में बांटकर इस स्कीम का रिहर्सल हुआ। जोन-एक प्रभारी इंस्पेक्टर रामजी सिंह, जोन दो प्रभारी क्राइम ब्रांच के इंस्पेंक्टर प्रेम चंद्र, जोन तीन में क्राइम ब्रांच एसआई अंगद सिंह की टीम, जोन चार में क्राइम ब्रांच निरीक्षक केके मिश्रा व जोन पांच में इंस्पेक्टर साधू राम यादव की टीम रही।