फतेहपुर। मलवां कस्बे में भूतल पर खाना बनाते समय रसोई गैस सिलिंडर फटने के बाद दूसरी मंजिल की आरसीसी छत भरभराकर ढहने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। मौके की स्थिति देखकर लोगों को यह बात समझ में नहीं आ रही कि नीचे हुए धमाके का असर दूसरी मंजिल की छत तक इतना ज्यादा कैसे पहुंचा। मलबा हटने के बाद मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय मकान के निचले हिस्से में खाना बनाया जा रहा था। धमाके के बाद दूसरी मंजिल की करीब 30 फीट लंबी और 20 फीट चौड़ी छत ढह गई। बताया जा रहा है कि इस छत का निर्माण हाल में कराया गया था। छत पर सोलर पैनल लगे हैं और उनकी चार लिथियम बैटरियां भी दूसरी मंजिल पर रखी थीं।
इसी हिस्से में आलोक और उसका भाई सूरज गुप्ता रहते हैं। मौके पर दूसरी मंजिल की छत पूरी तरह ढही मिली, जबकि नीचे की छत सही सलामत बताई जा रही है। नीचे की दीवारों और दरवाजों को नुकसान पहुंचने के साथ आग लगने के निशान भी मिले हैं। ऐसे में सोलर पैनल की बैटरियों समेत अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों में गृहस्वामी सुरेश गुप्ता के आतिशबाजी के कारोबार से जुड़े होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह दीपावली के समय आतिशबाजी खरीदकर बेचते हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं घर में आतिशबाजी तो नहीं रखी थी।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि प्रथम दृष्टया रसोई गैस सिलिंडर फटने से हादसा हुआ है। खाना नीचे बनाया जा रहा था। हालांकि धमाके के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। मलबा हटने और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मौके पर बारूद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
फोटो-45- डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। संवाद
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