फतेहपुर। पूर्वांचल, बिहार और बंगाल का महापर्व माने जाने वाले छठ पूजा के लिए शहर में कोई खास इंतजाम नहीं हैं। राधानगर क्षेत्र में रह रहे बिहार के निवासियों ने पर्व मनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन शहर में कोई घाट नहीं होने से भिटौरा या अपनी छतों पर पूजा करेंगी।
राधानगर पावर हाउस के समीप छठ पूजा का तालाब खत्म हो चुका है। यहां करीब 10 साल पहले तक 50 से अधिक परिवारों की महिलाएं पूजा करती थीं। तालाब का अस्तित्व खत्म होने के साथ नहरों में भी गंदगी फैली हुई है। इस कारण अब महिलाओं को पूजा करने के लिए शहर से 15 किमी दूर भिटौरा घाट जाना पड़ता है। वहीं कुछ महिलाएं घर की छत पर किसी बड़े बर्तन में पानी भरकर अर्घ्य देती हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी पर्व मनाने को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
राधानगर क्षेत्र निवासी सावित्री देवी ने बताया कि कई साल पहले तक पर्व नजदीकी तालाब में मनाया जाता था। तालाब पर प्लाटिंग हो चुकी है। नहर के चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। इस बार पूजा के लिए भिटौरा घाट जाना पड़ेगा।
राधानगर बक्सपुर निवासी सीमा देवी ने बताया कि छठ पूजा को लेकर उत्साहित हैं। यहां घाट न होने की वजह से घर की छत पर ही टब में पानी भरकर पूजा करेंगी। अगर पूजा करने के लिए घाट होता तो अलग ही उत्साह रहता।
छठ पूजा के लिए इंतजाम किए जाएंगे। जहां भी जरूरत है, वहां के लोग आकर प्रार्थना पत्र के माध्यम से बता सकते हैं। तुरंत उस स्थान पर व्यवस्था करवाई जाएगी।
-रवींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, सदर, नगर पालिका