फतेहपुर। लोकेटरों से मिलीभगत के मामले में निलंबित की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम की कुंडली अब विवेचक के पास पहुंच गई है। उनके निलंबन से पहले की गई कार्रवाई अब उनकी संलिप्तता तय करेगी। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की कार्रवाई के दौरान 141 ऐसे वाहनों की सूची मिली थी, जिनकी एंट्री जमा थी। अब इन वाहनों का ओवरलोडिंग में कब चालान हुआ, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
एसटीएफ लखनऊ ने जिले और रायबरेली में वसूली, खनिज अधिनियम व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत 11 और 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रायबरेली में दर्ज प्राथमिकी में फतेहपुर की एआरटीओ प्रशासन एवं प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम, उनके निजी चालक सिकंदर, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी व उनके चालक अशोक तिवारी, भिटौरा सहिमापुर निवासी लोकेटर मिथुन और रायबरेली के लोकेटर मोहित सिंह को नामजद किया गया है। दूसरी ओर, थरियांव थाने में खनिज अधिकारी देशराज पटेल, उसका गनर राजू, लोकेटर मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह, आरटीओ के निजी चालक बबलू उर्फ श्याम सिंह और ट्रक चालक विक्रम के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी।