मृतका के परिजनों को समझाती पुलिस।
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जहानाबाद कस्बे के सीएचसी में दो बच्चियों को जन्म देने के बाद जच्चा की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि फार्मासिस्ट की हड़ताल के चलते उन्हें सीएचसी से दवाइयां नहीं मिल सकीं। वह लोग दवाइयां बाहर से खरीदकर लाए, लेकिन देर हो जाने से जान नहीं बच सकी। महिला के मौत से नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगा सीएचसी में हंगामा किया। पुलिस व डाक्टरों के समझाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण शव लेकर चले गए। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि दवा उपलब्ध थी। महिला की मौत हार्टफेल से हुई है।
जाफरगंज थानाक्षेत्र के गांव डिघरुवा निवासी ब्रह्मा रैदास गुजरात में नौकरी करता है। उसके दो बेटे और एक बेटी पहले से थी। मंगलवार रात उसकी पत्नी केशकली (45) को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने बताया कि गांव की आशा बहू ममता उसे देर रात सीएचसी अमौली ले गई, वहां डाक्टर न मिलने पर उसे वापस घर लेकर आ गई। बुधवार सुबह आशा बहू पीड़िता को सीएचसी जहानाबाद लेकर पहुंची। जहां मौजूद डा. विनीता अवस्थी ने पहली व दूसरी बच्ची को कुशलता से जन्म करवाया। जन्म होते ही महिला की हालत खराब हो गई और जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी में समय पर दवा नहीं मिल सकी। जिसकारण केशकली की हालत बिगड़ गई। जब तक वह लोग बाहर से दवा लाते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सीएचसी जहानाबाद के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एसपी जौहरी ने बताया कि महिला सुबह 9:30 बजे भर्ती हुई थी। हालत एकदम सामान्य थी। पहला बच्चा 11 बजे पैदा हुआ। दूसरा बच्चे को जन्म देने के बाद महिला का हार्टफेल हो गया और डाक्टरों के प्रयास के बावजूद उसकी मौत हो गई। फार्मासिस्ट की हड़ताल और दवा की अनुपलब्धता जैसी कोई बात नहीं है। दवा उपलब्ध थी।