जलनिगम की ग्रामीण पेयजल योजना लोगाें के लिए छलावा साबित हो रही है। बिजली व तकनीकी खराबी से बंद पड़ी टंकियों को विभाग सही करने की जहमत नहीं उठा रहा है। थरियांव कस्बे में पांच साल पहले नलकूप व पानी टंकी बनी थी, लेकिन अभी तक लोगों को इससे पानी नसीब नहीं हो सका है। लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
हंसवा ब्लाक के मुरांव गांव में 25 साल पहले पानी की टंकी बनी थी। इससे मुरांव गांव, धनाजीपुर, प्रयागदासपुर, घूरी बुजुर्ग गांव में जलापूर्ति की पाइप लाइन को जोड़ा गया, लेकिन टंकी में पानी भरने के लिए बना नलकूप तकनीकी रूप से दस साल से खराब है। इसी तरह हथगाम ब्लाक के संवत गांव की पानी टंकी से जलापूर्ति वाले पाइप ध्वस्त हैं। संवत बाजार तक के लोगों को ही पानी मिल रहा है, लेकिन अजईपुर, बुसहरा, रखेल, पलवा, करमोन गांव की पाइप लाइन ध्वस्त होने से जलापूर्ति बाधित है।
वहीं थरियांव कस्बा में वर्ष 2010-11 में बनी पानी टंकी व नलकूप से जलापूर्ति आज तक शुरू नहीं हुई है। निर्माण के पांच साल बावजूद मजरों में अभी तक पाइप लाइन नहीं डाली गई है। कस्बा के लवकुश मोदनवाल, सुशील शुक्ला और सगीर अहमद का आरोप है कि जलनिगम अधिकारी व ठेकेदार की मिलीभगत से घटिया निर्माण हुआ है। नलकूप चलाते ही कस्बा तक की घटिया पाइप लाइन जगह-जगह पर लीकेज हो गई हैं।
कहा कि इसकी जांच कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है और न ही कोई टीम मौके पर जांच करने आई है।
कोट- वह नए आए हैं, जेई ने उनको बताया है कि पंपिंग सेट से पाइप लाइन में डायरेक्ट सप्लाई दी जा रही है, यदि ऐसा नहीं है तो मैं खुद इसकी जांच कराऊंगा। पीके यादव, अधिशासी अभियंता जलनिगम।