एक दिन पहले रामनवमी शोभायात्रा में भाजपाई और रामनामी चेहरे से दमखम दिखाने वाले पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक रातोंरात सपा में पहुंच गए। पार्टी हाईकमान ने बिंदकी से घोषित प्रत्याशी समरजीत सिंह को हटाकर उन्हें विधानसभा का टिकट थमा दिया।
बिंदकी विधानसभा क्षेत्र से सपा ने पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह को प्रत्याशी बनाया था। साथ ही जिले की चार विधानसभा सीटों से प्रत्याशी घोषित किए गए थे। तेरह दिन बाद पार्टी मुखिया ने सूची बदली और खागा से ओमप्रकाश गिहार की जगह विनोद पासवान, अयाह शाह से दलजीत निषाद की जगह पूर्व ब्लाक प्रमुख रीता प्रजापति को प्रत्याशी बनाया।
बिंदकी विधानसभा की प्रत्याशिता से समरजीत सिंह का नाम तो हटा दिया था, लेकिन कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया था। टिकट कटने के बावजूद पूर्व जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह निराश नहीं हुए और दोबारा टिकट के लिए प्रयास जारी रखा। इनके अलावा टिकट के लिए मलवां ब्लाक के पूर्व प्रमुख जीतू सिंह, पिछला चुनाव हार चुके महेंद्र बहादुर सिंह बच्चा, पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालू समेत कई दिग्गज लाइन में लगे थे।
जिले की राजनीति में बिंदकी से सपा का क्षत्रिय बिरादरी का प्रत्याशी उतारना तय माना जा रहा था। ऐसे में युवा नेता जीतू सिंह का नाम आगे चल रहा था। ऐसे में राजनीति की लंबी पारी खेल चुके जनसेवक ने अचूक दांव खेला और रातों रात साइकिल पर सवार होकर टिकट झटक लिया।
---
भाजपा नेतृत्व नहीं चाहता यूपी में सरकार बने: जनसेवक- कल्याण सिंह सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री रहे अमरजीत जनसेवक ने कहा, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व 2019 में दिल्ली में तो भाजपा की सरकार चाहता है लेकिन यूपी में 2017 में भाजपा की सरकार नहीं चाहता। उसका मकसद यूपी में बसपा को रोकना है। इसीलिए अंबेडकर जयंती पर पखवाड़े भर के कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी अच्छा काम कर रहे थे लेकिन उन्हें हटाकर खराब छवि वाले केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। पिछड़े वर्ग के नेता के पीछे चलना है तो मुलायम सिंह यादव से बड़ा पिछड़े वर्ग का नेता कौन है।