फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव में 17 दिसंबर को हुए बवाल के पीछे करीब 50 लोग शामिल थे। इन्हें असलहे और लाठी-डंडों के साथ शहर से भेजा गया था। पुलिस अब तक इस फौज को भेजने वाले व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान नहीं करा सकी है लेकिन सूत्रों के अनुसार जल्द ही उसकी पहचान सामने आएगी।
जानकारी के अनुसार बवाल से पहले संतोष द्विवेदी और कोटेदार सुनील तिवारी के बीच मुंजी कुआं के पास बहस हुई थी। दोनों पक्ष एक ही गांव के होने के कारण एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देकर वहां से चले गए थे।
संतोष द्विवेदी के शहर में मौजूद परिवार के एक सदस्य ने इस घटना को बर्दाश्त नहीं किया और तत्काल 50 से 60 करीबी साथियों की फौज इकट्ठा की। सभी को असलहे और लाठी-डंडे उपलब्ध कराए गए। कई लग्जरी वाहनों में उन्हें सरकंडी गांव भेजा गया।
इन लोगों ने बिना किसी पहचान के शिकायतकर्ता पक्ष पर हमला किया और वारदात के बाद भाग गए। वायरल वीडियो में भी पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सकी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को अब इस फौज को भेजने वाले व्यक्ति की जानकारी हो चुकी है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।