हुसैनगंज। एक लाख रुपये की मांग पूरी नहीं करने पर पिता की हत्या करने वाले सिपाही पुत्र आदित्य पटेल की गांव में दहशत में थी। उसके जेल जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों ने बताया कि पिता का हत्यारा सिपाही आदित्य जब कभी भी गांव आता तो वर्दी का रौब दिखाकर कई लोगों से रुपये एंठ ले जाता था। उसके जेल जाने से गांव के लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कन्नौज पुलिस में तैनात आदित्य पटेल जब भी गांव आता था तो लोगों को फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देता था। वह कहता था कि जेल में सड़वा दूंगा। धमकी देकर लोगों से रुपये और शराब लेता था। एक किसान ने बताया कि उसका घर पूर्वजों से मिली सरकारी जमीन पर बना है। आदित्य अक्सर उन्हें धमकाता था कि अवैध कब्जा है, एक फोन पर हटवा दूंगा। कई बार उनसे इसी धमकी पर रुपये ले जा चुका है।
ग्रामीणों के मुताबिक वह पूर्व के कई प्रधानों से भी रुपये ऐंठ चुका है। वर्तमान प्रधान के करीबी अजय ने बताया कि एक महीने पहले वह घर बनवा रहे था। आदित्य ने उससे रुपये की मांग की थी। घर नहीं बनने देने की धमकी दी थी। उसे भी मजबूरी में 10 हजार रुपये देने पड़े थे। पुलिस भी उसके खिलाफ शिकायत को अनसुना कर देती थी जिससे उसका मनोबल बढ़ गया था। प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि उनके सामने सिपाही की शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
गौरा चुरियारा गांव के आदित्य पटेल ने एक लाख रुपये नहीं देने पर अपने पिता किशोर चंद्र (70)के ईंट से हमला कर रविवार रात हत्या कर दी थी। पुलिस ने सोमवार को आरोपी सिपाही पुत्र आदित्य को जेल भेज दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शाम पांच बजे शव असनी गंगा घाट पर पहुंचा। जहां बड़े पुत्र आनंद प्रकाश ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। आरोपी सिपाही की पत्नी ज्योति ससुर के अंतिम दर्शन को गांव नहीं पहुंची।