फतेहपुर। कस्बे और ब्लॉक क्षेत्र में स्क्रब टाइफस के दो मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुखार और अन्य लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है। लोगों को सफाई रखने, झाड़ियों व गंदगी वाले स्थानों से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
जांच में असोथर के एक गांव निवासी बालक और ग्रामीण में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
टीम ने इससे पहले महादेवन टोला वार्ड में बुखार से दो लोगों की मौत के बाद रामनगर कौहन, असोथर, कौड़र और जमलामऊ में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की गई थी। छह गंभीर मरीजों के नमूने मेडिकल कॉलेज भेजे गए थे, जिनमें चार की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में टीमों की निगरानी जारी है।
ये है स्क्रब टाइफस
जिला अस्पताल के डॉ. केके पांडेय ने बताया कि स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होने वाला गंभीर संक्रमण है। यह संक्रमित घुन यानी लार्वा माइट्स (चिगर्स) के काटने से फैलता है। संक्रमण होने पर तेज बुखार और ठंड लगना, सिरदर्द व मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। काटने वाली जगह पर काले रंग की पपड़ी या घाव बनना इसकी खास पहचान है।