फोटो-39-सदनहा गांव के खेतों में अभी भी भरा पानी। संवाद
औंग/चौडगरा। गंगा का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में दुश्वारियां बरकरार हैं। खेतों में सड़ रही फसलों और रास्तों में जमा कीचड़ से दुर्गंध उठ रही है। गंदगी और मच्छरों से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मलवां ब्लॉक के बिंदकी फार्म, सदनहा, मदारपुर, बड़ा खेड़ा, औसेरी खेड़ा, जाड़े का पुरवा, मल्लू खेड़ा और बेनी खेड़ा में अब भी जलभराव है।
जिला बाढ़ प्रबंधन अधिकारी कृष्णकांत कुमार ने बताया कि 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर घटकर 100.64 मीटर हो गया है। यह खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा और पांडु नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है।
पानी उतरने के बाद घरों और रास्तों में कीचड़ जमा है। ग्रामीण संतोष, अशोक, रामश्री, रामबहादुर, सरवन, रामभजन, आशा देवी, राधिका और अनूप ने सफाई व कीटनाशक छिड़काव की मांग की। कालीकुंडी में करीब 150 परिवार राहत शिविर में हैं।
आशा देवी ने तिरपाल की कमी और कुंती निषाद ने झोपड़ियों में सर्प-बिच्छू घुसने की शिकायत की। अनूपा, रामभजन, राजरानी, पप्पू, कल्लू, अशोक व रामनारायण ने भोजन कम मिलने का आरोप लगाया। प्रधान रामदास व ओम नारायण ने स्वास्थ्य शिविर और दवा छिड़काव की मांग की।
फोटो-39-सदनहा गांव के खेतों में अभी भी भरा पानी। संवाद