नगर पालिका परिषद की दूसरी बैठक शनिवार को हुई। इसमें प्रस्ताव पास हुआ कि नगर पालिका अपनी जमीन पर फ्लैट, आवास व दुकानें बनाकर उससे अपनी आय बढ़ाएगी। साथ ही एक एनजीओ घर-घर कूड़ा इकट्ठा करेगा। इसके लिए रिहायशी रेट पचास रुपये महीना और कामर्शियल रेट अलग-अलग तय किए गए।
नगर पालिका सभाकक्ष में चेयरमैन नजाकत खातून की अध्यक्षता में सदन की बैठक हुई। पहला प्रस्ताव सभासद दीपक डब्लू, विनय तिवारी, मकबूल आलम ने रखा। उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर के पास की सरकारी जमीन पर दुकानें, कामर्शियल हाल, दफ्तर, आवासों का निर्माण कराकर उसे आवंटित करने की मांग रखी। इसका प्रस्ताव पास किया गया। मान भवन सैय्यदहार के समीप की जमीन पर फ्लैट निर्माण कराने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
देवीगंज सभासद दिनेश तिवारी के प्रस्ताव पर पटरी के दुकानदारों को डस्टबिन बांटने का प्रस्ताव पारित किया गया। सफाई जोन के लिए 12 मैजिक लोडर खरीदने तथा सभासद मुन्नी लाला के प्रस्ताव पर सालिड वेस्ट प्लांट चलाने, पालिका के नलकूप और टंकियों के समीप खाली जमीन पर दुकानों का निर्माण कराने, बोगस मकान चिह्नित करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन करने का बोर्ड ने निर्णय लिया।
बैठक में आबादी के मध्य की सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों से सर्किल रेट से कीमत वसूली का प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक में रामू कुमार, उर्मिला, विमलेश पाल, नीलम मौर्य, कोमल, डा. हरिराम, बिटान देवी, मोहसिन खान, पुष्पराज पटेल, अरुण यादव, प्रमिला, शाबिया बेगम, मो. इरशाद, गोपाल रस्तोगी, मो. अयाज, दिवाकर अवस्थी आदि सभासद, ईओ रश्मि भारती और नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
सभा की तरह बोलने पर हंगामा
बोर्ड बैठक के अंत में सभासद विनय तिवारी ने घर घर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी एनजीओ को सौंपने का प्रस्ताव रखा। इसके बदले रिहायशी मकानों से 50 रुपये मासिक वसूली की बात कही। इस पर ज्वालागंज सभासद कासिम अली ने आपत्ति जताई और कहा कि उनके इलाके के लोग पचास रुपये नहीं दे पाएंगे। उन्होंने बोलने से पहले सभा की तरह भूमिका बांधना शुरू किया, तो सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। फिर भी भाषण खत्म न होने पर चेयरमैन नजाकत खातून अपने प्रतिनिधि हाजी रजा के साथ बैठक से उठकर चली गईं। इसके उनके साथ ज्यादातर सभासद भी कक्ष के बाहर निकल आए। अपने को अकेला देख सभासद कासिम अली चुप हुए और वह भी निकल गए।
ये प्रस्ताव अगली बैठक के लिए छोड़े गए
- शहरी गरीब परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए निकाय अंशाराशि बढ़ा कर 12 हजार तय करने के प्रस्ताव को बिना चर्चा के अगली बैठक में पेश करने के लिए स्थगित किया गया।
- अमृत योजना के तहत निर्माणाधीन शहर के चार पार्कों की 20 प्रतिशत अंशराशि और पांच साल तक रखरखाव में आने वाला खर्च राज्य वित्त या पालिका निधि से खर्च करने का प्रस्ताव।
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालयों की पालिका अंशराशि 20 प्रतिशत 14वें वित्त, राज्य वित्त, पालिका निधि से खर्च करने का प्रस्ताव चर्चा के लिए अगली बैठक तक के लिए स्थगित किया गया।
निर्धारित कूड़ा कलेक्शन रेट
- रिहायशी मकान- 50 रुपये महीना
- गेस्टहाउस-500 रुपये प्रति बुकिंग
- नर्सिंगहोम -1500 रुपये महीना
ठेलिया -100 रुपये महीना
होटल, माल, शोरूम, पेट्रोलपंप - 500 रुपये महीना
छोटे होटल, मुर्गा, मछली की दुकान - 200 रुपये महीना
आठ साल पहले भी पास हुआ था प्रस्ताव
फतेहपुर। नगर पालिका परिषद बोर्ड ने घर घर कूड़ा कलेक्शन का प्रस्ताव आठ साल पहले भी पास किया था। इसके तहत प्रति परिवार से 30 रुपये मासिक वसूली की व्यवस्था की गई थी। कुछ महीने तो ठीक चला लेकिन बाद में सालिड वेस्ट प्लांट संचालन करने वाली संस्था एटूजेड ने वसूली करने से हाथ खड़े कर दिए थे और नगर पालिका वसूली नहीं कर पाई थी। अब एक बार फिर नगर पालिका ने एनजीओ को कलेक्शन का काम देकर खुद रकम जमा कराने का जिम्मा उठाया है।