फतेहपुर। कल्यानपुर थाना क्षेत्र की लापता युवती का मामला किसी रहस्य से कम नहीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के संज्ञान में लेने के बाद यह प्रकरण पुलिस अधिकारियों के गले की फांस बना है। युवती जिंदा है या नहीं, यह बड़ा सवाल है।
पुलिस चाहती तो इसकी पुष्टि कई माह पहले कर लेती। पहले सतर्कता न दिखाना अब भारी पड़ रहा है। परिवार पुलिस के चक्कर लगाते थक चुुका था। थाना क्षेत्र में मिले शव की शिनाख्त करने का परिवार ने एक बार दावा किया, लेकिन पुलिस की घुड़की के चलते पीछे हट गए। उस समय ही पुलिस के पास डीएनए टेस्ट का सही मौका था।
कल्यानपुर थाने के एक गांव की 22 वर्षीय युवती के मामले में दो उपनिरीक्षक निलंबित हुए हैं और गैर जनपद स्थानांतरित तत्कालीन निरीक्षक व एक उपनिरीक्षक के निलंबन के लिए पत्राचार हुआ है। इसी मामले में आईजी डॉ. राकेश सिंह हाईकोर्ट में 13 अप्रैल को तलब हैं। अब जांच एसआईटी कर रही है।
लापता युवती की शादी 2019 में कानपुर देहात के साढ़ थानान्तर्गत कुड़नी गांव में हुई थी। भाई ने बताया कि 23 फरवरी 2021 को उसकी बहन को गांव से हैप्पी सिंह सूरत ले गया था।
वह पुलिस के चक्कर काटते रहे, लेकिन डेढ़ माह बाद तीन अप्रैल 2021 को गुमशुदगी दर्ज हुई। पुलिस ने आरोपियों के नाम तक तहरीर से कटवा दिए। पुलिस आरोपियों का ही पक्ष लेती रही।
भाई ने बताया कि इस दौरान 11 अप्रैल को कंसपुर रेलवे क्रासिंग से अधजली युवती का शव बरामद हुआ था। कहा गया कि युवती को भोर पहर बोलेरो सवार फेंक गए। दाहिना हाथ गायब था। वह पोस्टमार्टम शिनाख्त करने पहुंचे। शव की कद-काठी लापता बहन से मिलती-जुलती थी।
जला होने के कारण पूरी तरह पहचान नहीं सके। पुलिस ने उन लोगों से कहा कि पहचान गलत होने पर उन्हें ही जेल जाना पड़ेगा। आरोपी जेल गए तो उनका हर्जाना भी भरना पड़ेगा। यह सुनकर परिवार शिनाख्त से पीछे हट गया। लापता युवती की मां ने बताया कि उसकी बेटी ने दाहिने हाथ पर अपना और पति का नाम गुदा रखा था।
हो सकता है पहचान छिपाने के लिए कातिलों ने उसका हाथ काट दिया हो। बेटी ने सूरत से एक बार फोन भी किया था। बेटी से बातचीत के कुछ दिन बाद ही हैप्पी सिंह गांव लौट आया था। तभी उन्हें बेटी की हत्या का शक हुआ।
बेटी जिंदा होती तो फिर जरूर फोन करती। एसआईटी टीम प्रभारी सीओ अनिल कुमार का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।
परिवार को मिली पुलिस की सुरक्षा
आईजी डॉ. राकेश सिंह के निर्देश पर लापता युवती के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। थाने के दो पुलिसकर्मी की ड्यूटी इंसास राइफल के साथ लगाई गई है। पुलिस कर्मियों की 12-12 घंटे की शिफ्ट है। आईजी ने परिवार से मुलाकात कर सुरक्षा का आश्वासन दिया है। पुलिस कर्मी लापता युवती के दरवाजे पर ड्यूटी निभाते दिखे। दरअसल आरोपी भी गांव के हैं। जिसे देखते हुए परिवार को सुरक्षा दी गई है।