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Fatehpur News: हरी-भरी धरती हुई, हुआ शीत का अंत....

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फतेहपुर। शैलेंद्र साहित्य सरोवर की गोष्ठी हुई। रविवार को हनुमान मंदिर मुराइनटोला में हुई गोष्ठी में कवि केपी सिंह कछवाह ने पढ़ा कि हरी- भरी धरती हुई, हुआ शीत का अंत, आज धरा में छा गया सुरभित नवल वसंत।
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गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना से हुई। कवि केपी सिंह ने पढ़ा कि सरस्वती मां आ करें, तिमिर धरा का अंत, धरती - अंबर जगत में छाए सदा वसंत। डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा कि यमुना किनारे, वट के सहारे, राधा पुकारे। कहां हो कन्हैया, वंशी बजैया, चित के सुरैया।
कवि शिव सागर साहू ने पढ़ा कि जाय त्रिवेणी में करें, संगम में स्नान। पुण्य कमाएं कुंभ में, करके बहुविध दान। प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा कि महाकुंभ शुभ संत समागम, दु:खों का बस अंत है। संत- मिलन, दर्शन से उपजे, मन में सदा वसंत है। विनय कुमार दीक्षित ने पढ़ा कि आत्मबल औ बुद्धिबल, देना मुझे हे ईश, प्रभुवर। मैं सदा कर्तव्य पालन, मैं रहूं तत्पर निरंतर। गोष्ठी आयोजक कवि शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा कि आया, मुस्काया मधु वसंत। हैं महके-महके दिग् दिगंत। सोने के सुमनों से सिंगार, कर हंसती सरसों बेशुमार। अरहर की करतालें बजतीं, छिड़ रहा चने का स्वर सितार।
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