फतेहपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। इसमें पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड खागा की ओर से जारी 10 लाख 88 हजार 383 रुपये 44 पैसे के डिमांड नोटिस को निरस्त कर दिया है।
आयोग ने इस प्रकरण को विभाग की गंभीर लापरवाही और उपभोक्ता सेवा में कमी करार दिया है। साथ ही विभाग को परिवादी को दो माह के भीतर पांच हजार रुपये मुकदमे का खर्च अदा करने का आदेश दिया है।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष रामनरेश मौर्य, सदस्य पद्मिनी आनंद और राकेश कुमार सिंह की पीठ ने ग्राम इमादपुर निवासी मान सिंह पुत्र रामभजन सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनाया।
परिवादी ने आयोग में याचिका दाखिल कर कहा था कि उनके नाम से विभाग ने गलत तरीके से ट्यूबवेल कनेक्शन दर्ज कर लिया। उनके पास कभी ऐसा कनेक्शन था ही नहीं। इसके बावजूद 25 अगस्त 2020 को लाखों रुपये की बिजली बकाया नोटिस भेज दिया।
सुनवाई के दौरान विभाग उपभोक्ता के नाम से जारी कनेक्शन का कोई प्रमाण नहीं दे सका। आयोग ने पाया कि नोटिस में न तो कनेक्शन नंबर था और न ही बिल की अवधि का उल्लेख। इस आधार पर आयोग ने इसे विभागीय त्रुटि मानते हुए नोटिस निरस्त करने का आदेश दिया।