किशनपुर। थाना क्षेत्र के लोची का डेरा गांव से अपहृत साढ़े तीन साल के अंकुश की अस्थियों के पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। डॉक्टरों ने टिशू (ऊतक), ट्यूमर और ब्रेन (मस्तिष्क) को सुरक्षित कर लिया है। इन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इससे मौत का कारण और घटना का समय पता लग सकेगा।
पोस्टमार्टम में जानवरों के शरीर को नोचने के निशान मिले हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि मौत के बाद बच्चे को जंगली जानवर ने शिकार बनाया। पुलिस ने एक संदिग्ध महिला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
हरिशंकर निषाद का बेटा अंकुश मंगलवार को घर से गायब हो गया था। पुलिस अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर तलाश में जुटी थी। शनिवार सुबह गांव से करीब 25 मीटर दूर अरहर के खेत में बच्चे की अस्थियां मिलीं। घटना से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और काफी नोंकझोंक के बाद पुलिस शव अपने कब्जे में ले सकी।
रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। आसपास के थाना क्षेत्रों का पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में पिता ने बेटे की अस्थियां दफन कीं। बच्चे की मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल है। थानाध्यक्ष सत्यदेव गौतम ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और घटना की जांच जारी है।