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पड़ताल: कोरोना जांच के नाम पर धोखा, बिना जांच निगेटिव रिपोर्ट.

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जिला अस्पताल में खड़े कोरोना जांच के सचल लैब में रिपोर्ट बनाती टेक्नीशियन। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। अस्पताल पहुंचने वाले हर रोगियों को बिना जांच के कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दी जा रही है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को डॉक्टर को दिखाने से पहले कोरोना टेस्ट कराने का प्रावधान है।
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जिला अस्पताल के पीछे खड़े सचल कोरोना जांच लैब सिर्फ पंजीयन पर्ची में रिपोर्ट लगाकर रोगी को थमा रहीं हैं। बिना जांच के ही कोरोना जांच रिपोर्ट थमाने का सिलसिला लंबे समय से जारी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग जानते हुए भी अंजान बना हुआ है।
गुरुवार को इसकी पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई। जांच के नाम पर होने वाली औपचारिकता की पड़ताल करती रिपोर्ट -
केस-1
चकबौहनपुर निवासी सुनीता नसबंदी कराने आई हैं। उन्हें नसबंदी से पहले डाक्टर ने कोरोना जांच कराने को भेज दिया। कोरोना लैब में पंजीयन पर्ची में महिला टेक्नीशियन ने निगेटिव रिपोर्ट लगाकर उसे थमा दी। महिला ने बताया उसे कहा गया है कि उसका काम चल जाएगा लेकिन कोरोना की कोई जांच नहीं की गई।
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केस-2
चितौरा गांव निवासी पूजा देवी के दांत में दिक्कत थी। उसे दंत रोग विशेषज्ञ ने कोरोना जांच के लिए लैब भेजा। जहां महिला ने जांच के लिए कहा, तो उसकी पंजीयन पर्ची लेकर रिपोर्ट लगाकर उसे थमा दी गई। जब उसने पूछा कि जांच हो गई, तो टेक्नीशियन ने हां में सिर हिलाकर जवाब दिया।
केस-3
शाह निवासी कुलदीप के पैर की हड्डी में दिक्कत है। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने उसे पहले कोरोना जांच कराने के लिए भेजा था। रोगी सचल लैब पहुंचा, तो उससे दिक्कत पूछी गई, तो रोगी के बताया कि पैर की हड्डी में परेशानी है। इस पर टेक्नीशियन ने पर्ची पर निगेटिव रिपोर्ट लगाकर उसे थमा दी।
केस-4
खेसहन गांव निवासी आरती देवी के हार्ट में दिक्कत है। पंजीयन कक्ष में उसे डाक्टर को दिखाने के पहले कोरोना जांच के लिए भेजा गया है। उसकी पर्ची में निगेटिव रिपोर्ट लगाकर उसे थमा दिया गया। महिला ने बताया कि जांच लिए कहने पर आधा घंटे धूप बैठकर इंतजार करने का भय दिखाया जाता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले शत प्रतिशत रोगियों की कोरोना जांच का प्रावधान है। इसके लिए अस्पताल परिसर में एक सचल लैब है।
उनके स्तर से सभी की नियमानुसार जांच के आदेश हैं। अगर बिना जांच के निगेटिव रिपोर्ट दी जाती है, तो यह मामला गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - गोपाल माहेश्वरी, सीएमओ

जिला अस्पताल में कोरोना जांच के लिए धूप में इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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