खागा। नगर पंचायत के जवाहर नगर वार्ड में संचालित कान्हा गोशाला में हुई अनियमितता को लेकर डीएम ने जांच अधिकारी बदल दिए हैं। सभासदों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने खागा तहसीलदार इवेंद्र कुमार और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच के लिए नामित किया है। दोनों अधिकारी दो दिन में जांच रिपोर्ट डीएम को सौपेंगे। प्रकरण में डीएम की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत में खलबली मची है।
कान्हा गोशाला का संचालन जनवरी 2025 में नगर पंचायत ने टेंडर के जरिए लखनऊ की एक संस्था को दे दिया था। टेंडर के अनुसार संस्था को प्रति मवेशी 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से अदा किए जा रहे थे। नगर पंचायत ने जब संस्था को गोशाला सौंपी, तो उसमें 412 मवेशी थे। जून में संस्था ने गोशाला संचालन का बिल नगर पंचायत में प्रस्तुत किया और 412 मवेशी पर आए खर्च के भुगतान की बात की। इस पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने मवेशियों की जांच के बाद बिल भुगतान का निर्देश जारी किया। इसी दौरान सभासदों ने गोशाला में जाकर देखा, तो मवेशियों की संख्या 325 मिली, जबकि पांच अन्य मवेशी मृत पाए गए। इसकी शिकायत पर ईओ देवहूति पांडेय ने गोशाला संचालन करने वाली संस्था से जवाब मांगा और अगले दिन ही ईओ ने कर्मचारियों की टीम बनाकर जानवरों को पकड़ने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने रात में नगर पंचायत की सीमा से बाहर जाकर बगैर टैग वाले मवेशी पकड़े। इस पूरे मामले की जांच एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने ऐरायां नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी को सौंपी थी, लेकिन सभासदों ने डीएम से मिलकर सारे प्रमाण उनके सामने रखकर निष्पक्ष जांच की मांग की। डीएम रविंद्र सिंह ने प्रकरण में गंभीरता दिखाते हुए जांच अधिकारी बदलते हुए तहसीलदार व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच के लिए नामित कर दो दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।