माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। सोमवार को शिक्षक भवन में हुए जिला
स्तरीय सम्मेलन में वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय भुगतान न होने और पुरानी
पेंशन की व्यवस्था लागू न होने पर शिक्षक नेता प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर
बरसे। महर्षि विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य एके मिश्रा को जिले
के सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्य की उपाधि दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया।
फिर छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एमएलसी चेतनरायण सिंह ने प्रदेश
के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव पर झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाया।
एमएलसी राजबहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि अभी तक वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा
नियमावली नहीं तैयार हो पाई है और न ही इसके लिए बजट का आवंटन किया गया
है। ऐसे में सरकार घोषण सिर्फ हवा में दिख रही है।
नए शिक्षकों को अभी तक
पुरानी पेंशन योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया है। मंत्रिमंडल में निर्णय के
बावजूद अभी तक तदर्थ शिक्षकों को विनियमितिकरण नहीं किया गया है, जो पूरी
तरह से शिक्षक विरोधी मानसिकता का प्रतीक है।
प्रदेश महामंत्री लवकुश
मिश्रा ने वित्तीवहीन शिक्षकों का मानदेय चेक में देने के बजाए सीधे उनके
खाते में भुगतान करने की मांग उठाई। इसके बाद सेवानिवृत्त शिक्षक एवं
प्रधानाचार्य जेबी सिंह, रामेश्वर गुप्त, घनश्याम सिंह, महेश प्रसाद मिश्र,
गोविंद नरायण सिंह, भगवानदीन सिंह, सत्यनरायण द्विवेदी, लाखन सिंह को
सम्मानित किया गया।
बाद में चुनाव अधिकारी मनोज कुमार साहू ने पुरानी जिला
कार्यकारिणी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष
करुणाशंकर मिश्रा, प्रेममोहन मिश्रा, गिरेंद्र सिंह, रामसेवक त्रिपाठी,
शैलेंद्र सिंह, केसी तिवारी, राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, राकेश भदौरिया, प्रदीप
सिंह, शिवसिंह, बलवीर सिंह, आनंद सिंह, बलवीर प्रकाश, शिवशंकर लाल सचान
आदि मौजूद रहे।