- योजना में चुने गए सरसों आधारित उत्पाद, मट्ठा के आलू और खीर मोहन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार की एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत जिले के लिए सरसों आधारित उत्पाद, मट्ठा के आलू तथा खीर मोहन मिठाई का चयन किया गया है। योजना का उद्देश्य स्थानीय स्वाद और परंपरागत उत्पादों को बाजार से जोड़कर उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत ऐसे उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जो अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं। उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए स्वचालित मशीनों की स्थापना, पैकेजिंग एवं लेबलिंग की आधुनिक व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण प्रसंस्करण संसाधनों की स्थापना, कोल्ड किचन, कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर, शॉप वैन और मिनी फूड ट्रक जैसी सुविधाओं के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है। पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत पर विभागीय प्रावधानों के अनुसार 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मेलों व प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए स्टॉल तथा आवागमन व्यय में भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि 25 से 29 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने जा रहा है। इसमें जिले के चयनित पारंपरिक व्यंजनों और उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए जिले के योग्य फूड वेंडर्स और उद्यमियों की सूची तैयार कर शासन को भेजी जानी है। उपायुक्त उद्योग ने जिले के होटल-रेस्टोरेंट संचालकों, खाद्य उत्पाद निर्माताओं, विक्रेताओं तथा सरसों आधारित उत्पाद, मट्ठा के आलू और खीरमोहन मिठाई से जुड़े कारोबारियों से योजना में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से आयोजित बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवसाय संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन की रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे जिले के पारंपरिक स्वाद को नई ऊंचाई मिल सके।