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स्कूल फीस लें तो हिसाब दें: डीएम

Tue, 11 Apr 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ फतेहपुर
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गांधी सभागार में स्कूल प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों के साथ बैठक करतीं डीएम सेल्वा कुमारी जे. । - फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर। कई दिनों से प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस व अन्य वसूली की शिकायत पर सोमवार को जिला प्रशासन की बुलाई बैठक अभिभावकों के लिए बेनतीजा रही। डीएम ने प्रबंधकों और प्रिंसिपल से दो टूक कह दिया कि आप फीस चाहे जो लें, अभिभावक को हिसाब एक-एक रुपये का दें। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। सोमवार को कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में डीएम सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल यादव ने कहा कि अभिभावकों से लगातार विद्यालय प्रबंधन के मनमानी फीस वसूलने की शिकायतें मिल रही हैं।
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डीएम ने कहा कि जो स्कूल मान्यता प्राप्त नहीं है और जिन स्कूलों में सीबीएससी, आईसीएसई बोर्ड के मानक पूरे नहीं हो रहे उन्हें तत्काल बंद कराएं। ऐसे स्कूल नजर नहीं आने चाहिए जो सिर्फ शिक्षा के नाम पर दुकान चला रहे हों। इस दौरान अधिवक्ता जगदीश मौर्या ने डीएम से शिकायत किया कि उनका बच्चा विद्या निकेतन इंटर कालेज में पढ़ता है। तीसरी कक्षा से चौथी कक्षा में पहुंचा तो फीस दोगुनी हो गई। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए। अधिवक्ता राजेश कुमार मौर्या और सुनील वर्मा ने कहा कि विद्यालयों की ओर से शिक्षण शुल्क के साथ हर बार प्रवेश शुल्क वसूला जाता है, जो गलत है। इसका भी कोई मानक नहीं है। हर स्कूल मनमाने ढंग से फीस वसूलता है जिससे अभिभावकों को दिक्कत होती है। साथ ही किताबें-कापी, ड्रेस तय दुकान से खरीदने की बाध्यता होती है। इस पर डीएम ने कहा कि विद्यालय प्रबंध तंत्र अभिभावकों से जो फीस ले रहे हैं उसकी रसीद दें और फीस की पाई-पाई का हिसाब दें। वह फीस में बच्चे को क्या-क्या सुविधा देंगे, बताएं। प्रबंधक और प्रधानाचार्य अभिभावकों के साथ मीटिंग कर उन्हें संतुष्ट करें। डीएम ने शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय में प्रशिक्षित शिक्षक, कंप्यूटर लाइब्रेरी, प्ले ग्राउंड आदि की समुचित व्यवस्था रखें। अप्रैल के अंत तक पुुन: बैठक बुलाई जाएगी। यदि समस्याओं का निस्तारण न हुआ तो निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने डीआईओएस को नियमित विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रबंधक, प्रधानाचार्य, अभिभावकों की कमेटी बनाकर समस्याओं का निराकरण कराने को कहा। डीआईओएस नंदलाल ने बताया कि स्कूलों की ग्रेडिंग की जाएगी। स्कूल में जो सुविधाएं हैं उनके आधार पर नंबर दिए जाएंगे और इसी आधार पर फीस निर्धारित की जाएगी। बैठक में एसडीएम खागा अवनीश राय, बीएसए विनय कुमार, सीएमओ विनय कुमार पांडेय, महर्षि विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य एके मिश्रा, सेंट जेवियर्स के प्रधानाचार्य जीपी मिश्रा, सरस्वती बाल मंदिर के प्रबंधक राकेश त्रिवेदी, आरएस एक्सेल के प्रबंधक मयूर गुप्ता, नुरुलहुदा के प्रधानाचार्य सरफराजुल हक, चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य चंद्ररानी बनर्जी समेत कई विद्यालयों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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सत्तर फीसदी तो खरीद चुके हैं कापी-किताबें
फतेहपुर। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अप्रैल माह से शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। ज्यादातर अभिभावकों ने कापी किताबें, ड्रेस, टाई बेल्ट आदि स्कूल की बताई दुकान से खरीद लिया है। केवल वह लोग ही बचे हैं जिन्हें नई सरकार बनने के बाद आस जगी है कि शायद कुछ लगाम लगे। डीएम की बुलाई गई मीटिंग से भी इसी तरह की आस अभिभावकों की आवाज उठा रहे संगठनों को लगी थी। डीएम ने स्कूल प्रबंधकों व प्रिंसिपल से कहा कि किसी भी अभिभावक को बाध्य न किया जाय कि वह फलां दुकान से ही सामान खरीदे। वहीं दूसरी ओर अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की सारी चीजें बेचने के लिए स्कूल वालों ने दुकान तय कर दी है। उनके अलावा कहीं वह सामान मिलता ही नहीं, ऐसे में घूम फिर कर वहीं जाना उनकी मजबूरी बन गई है।
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