फतेहपुर। मुहर्रम की दसवीं पर जिले के कोने-कोने से नम आंखों के साथ मिलाप कराकर ताजियों को विदा किया गया। अकीदतमंद सुबह से ही मातमी जुलूस देखने व ताजियों के दीदार करने के लिए सड़कों पर नजरें टिकाए बैठे रहे। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें तमाशबीन से गुलजार रहीं।
शहर के अलग-अलग स्थानों से उठाए गए ताजिया निर्धारित मार्गों पर निकले। इनके पीछे चल रहा मातमी जुलूस लोगों के लिए आकर्षण केंद्र रहा। ताजिये व अलम का जुलूस शहर के कजियाना मोहल्ला स्थित मस्जिद के पास से उठा। जुलूस में नौहा ख्वानी के बीच जंजीर व हाथ का मातम किया गया। जुलूस में छोटे से बड़े उम्र के नव जवानों ने शहीदाने कर्बला की याद में छूरी का मातम किया। शिया समुदाय के ताजिये व अलमों के फूल नम आंखों से कर्बला में ठंडे कर दिए गए। समुदाय की साढ़े ग्यारह बजे दो ताजिये व तेरह अलम कजियाना मोहल्ले से उठाए गए, जो लाला बाजार-पीलू तले रोड, लूस मदन चक्की वाले के सामने वाली ढाल से होता हुआ महाजरी, सैय्यदवाड़ा, खेलदार, इमिलिया बाग होकर कर्बला पहुंचा। जुलूस में हजारों की भीड़ रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। -
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मुहर्रम की दसवीं पर निकला जुलूस
धाता। नगर के एक मोहल्ले की कमेटी ने मुहर्रम की दसवीं को लेकर अलम जुलूस सिराथू रोड मजार के पास से निकाला। यह दीप नारायण चौराहा होते हुए वापस मोहल्ले में पहुंचा। इस दौरान जुलूस में परंपरागत लाठी-डंडे का करतब भी दिखाया गया। इस मौके पर रिजवान अहमद, त्रिभुवन नाथ पांडेय, मनोज सिंह, मोहम्मद कलीम, जयचंद्र सोनकर, मुकेश सिंह, इमरान अहमद आदि मौजूद रहे।
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अखाड़ों के साथ निकले ताजिए
हथगाम। मुहर्रम की दसवीं में नगर के मीरपारा, सद्दाम नगर, तेहीपारा, कुरैशी अखाड़ा के इमामबाड़ों से ताजियों का जुलूस मातमी व गम के माहौल में निकाला गया। अकीदत मंदो ने ताजियों के समक्ष मन्नत मुरादे मांगीं। वहीं अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर अपनी कला प्रदर्शन किया। देर रात कर्बला में ताजिए सुपुर्द खाक किए गए। बड़ा शिवाला मैदान पर ताजियों के जुलूस में मिलाप में नायब तहसीलदार ओमप्रकाश चौधरी, लेखपाल व विद्युत विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी प्रकार राजापुर कस्बा, बंदीपुर, रायपुर मुआरी, शाहपुर, पट्टी शाह, मगरे मऊ, छिवलहा, आदिगांव में मोहर्रम की दसवीं को ताजियों का जुलूस निकला गया।