फतेहपुर। बारिश के बीच जिले में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। अब तक डेंगू के 38 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं दो साल बाद जिले में मलेरिया के भी 18 मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी कीर्तिरंजन ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन में काटता है और महज पांच एमएल पानी में भी पनप सकता है। पानी वाले बर्तनों को उल्टा रखें, ताकि उनकी पेंदी में पानी जमा न हो।
दिन में घर के अंदर अंधेरा न रखें और जरूरत पड़ने पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें, जिससे मच्छरों से बचाव हो सके। उन्होंने लोगों से सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की।
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय
- घर के आसपास, गमले, कूलर, पुराने टायर और डब्बों में पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर साफ करें।
- बाहर निकलते समय पूरी बाजू की शर्ट और लंबी पैंट पहनें, ताकि त्वचा कम से कम खुली रहे।
- त्वचा के खुले अंगों पर डीट या पिकारिडिन युक्त सुरक्षित मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें या खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं, जिससे मच्छर घर के अंदर न आ सकें।
- घर के अंदर और आसपास सुरक्षित कीटनाशक स्प्रे या क्वाइल का इस्तेमाल करें।
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय
- घर के आसपास, गमले, कूलर, पुराने टायर और डब्बों में पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर साफ करें।
- बाहर निकलते समय पूरी बाजू की शर्ट और लंबी पैंट पहनें, ताकि त्वचा कम से कम खुली रहे।
- त्वचा के खुले अंगों पर डीट या पिकारिडिन युक्त सुरक्षित मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें या खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं, जिससे मच्छर घर के अंदर न आ सकें।
- घर के अंदर और आसपास सुरक्षित कीटनाशक स्प्रे या क्वाइल का इस्तेमाल करें।