सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता डीके जैन शनिवार दोपहर नहर विभाग डाक बंगला पहुंचे। वह यहां के कामकाज का निरीक्षण करने आए थे। उनके आने की सूचना मिलते ही मिनिस्टीरियल्र एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कृतार्थ सिंह तमाम कर्मचारियों के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को घेर लिया। कहा कि निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। जांच कर उन पर कार्रवाई की जाए। नहर कालोनी में चार सब डिवीजन आफिस हैं। सभी कार्यालय में कुर्सी, कूलर, पंखा, इनवर्टर और फर्नीचर सही कराने के लिए 6.60 लाख रुपये शासन से मंजूर हुए थे। अभी तक एक भी कार्यालय की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई। टूटी हुई कुर्सियों में बैठ कर कर्मचारी काम करते हैं। साल में एक बार कर्मचारियों को वर्दी का कपड़ा मिलता है। इसके बाद भी पिछले साल का भी अभी तक कपड़ा नहीं मिला है। सिल्ट सफाई कराने के लिए शासन से 70 लाख रुपये मिले हैं। चार सब डिवीजन में एक्सईएन एक डिवीजन को 30 लाख रुपये सिल्ट सफाई कराने को दिए हैं। जबकि तीन सब डिवीजन की शाखाओं में 40 लाख रुपये सिल्ट सफाई होगी। इस पर अधीक्षण अभियंता ने समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिया। तब जाकर कर्मचारी शांत हुए। इस दौरान रामगंगा नहर की लिपिक अंजू मिश्रा ने बताया कि एक दशक से सब डिवीजन गैरेज (गाड़ी खड़ी करने के भवन) में चल रहा है। जो पूरी तरह से जर्जर हो गया है। कार्यालय में पानी पीने व शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। अधीक्षण अभियंता ने सारी बात सुनने के बाद जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया। साथ ही कर्मचारियों के साथ जाकर विभागों, अनुभागों व कामकाज का निरीक्षण किया। इस मौके पर रामचंद्र, शिवप्रसाद, आशीष दरबारी, रामकुमार, ज्ञान सिंह, कुसुम तिवारी, हंसराज, श्रवण कुमार, अभय सिंह मौजूद रहे।
पांच सूत्री ज्ञापन दिया
फतेहपुर। जल लेखा संघ के अध्यक्ष अनुपम अवस्थी व महामंत्री अखिलेश अवस्थी ने एसई को पांच सूत्री ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सभी जल लेखा सहायकों को प्रोन्नति का लाभ रिक्त स्थान होने की तारीख से लाभ दिया जाए। सभी तारघरों में कर्मचारियों के लिए कुर्सी, मेज की व्यवस्था की जाए। गाजीपुर तारघर कोठी में पंखा नहीं है। गर्मी में काम करना भी मुश्किल रहता है। जल लेखा शिविर कार्यालय खोलने के लिए भवन दिया जाए।
ओमघाट का भी निरीक्षण
फतेहपुर। सिंचाई खंड लखनऊ के मुख्य अभियंता नागेश कुमार शर्मा ने शनिवार को भिटौरा ओमघाट का निरीक्षण किया। इसमें गंगा कटान को रोकने के लिए बनाई गई डिवाइस की जांच की। बाद में डाकबंगला नहर कालोनी में निर्माण की फाइलोें का सत्यापन किया। नोडल अधिकारी महेंद्र सिंह को लखनऊ कार्यालय मेें बुलाया है। इस मौके पर एक्सईएन महेंद्र सिंह, वैभव सिंह, ड्रेनेज खंड एक्सईएन एनके त्रिपाठी मौजूद रहे।