फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर भूमि कब्जे के विवाद में छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री और हिस्ट्रीशीटर की तलाश तेज हो गई है। दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद होने से पुलिस को उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
पुलिस टीमें आसपास के जनपदों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। चर्चा है कि दोनों आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने सोमवार से कोर्ट परिसर के आसपास निगरानी बढ़ा दी है।
लोहारी गांव के भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह तथा हसवा निवासी वीरेंद्र सिंह राठौर के बीच 16 सितंबर को जमीन कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि वीरेंद्र सिंह पक्ष से विहिप नेता अजय राज सिंह उर्फ अंशू सिंह के पहुंचने के बाद भाजपा नेता पक्ष से मारपीट और फायरिंग हुई।
पुलिस के अनुसार भाजपा नेता पक्ष में कई असलहाधारी लोग मौजूद थे। मामले में हत्या की कोशिश की प्राथमिकी दर्ज कर जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह समेत पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
घटना के चार दिन बाद भी छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह उर्फ दीपू पटेल और गाजीपुर थाना क्षेत्र के सेवरामऊ निवासी हिस्ट्रीशीटर गजानन मिश्रा पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस को सूचना मिली है कि दोनों चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
इसी को देखते हुए कोर्ट परिसर के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि अदालत पहुंचने से पहले उन्हें पकड़ा जा सके। सीओ दुर्गेशदीप ने बताया कि मोबाइल बंद होने के कारण आरोपियों की लोकेशन नहीं मिल रही है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।