फोटो-06-गंगा नदी में छोड़ा गया काला व रासायनिक पानी। संवाद
औंग। फैक्टरियों और टेनरियों का काला, बदबूदार गंदा व रासायनिक पानी गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है।
मलवा ब्लॉक में गंगा किनारे बसे आशापुर और अभयपुर ग्राम पंचायत के लोग इन दिनों गंभीर प्रदूषण संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र की फैक्टरियों और टेनरियों से गंगा नदी में काला, बदबूदार और रासायनिक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से गंगा में जहर घोला जा रहा है लेकिन विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। विजय निषाद, सुनील पांडे, राजाराम निषाद, शिवम शुक्ला, पारस सिंह, मयंक सिंह, भोला निषाद, कंध्या यादव और आनंद सिंह ने बताया कि गंगा में छोड़ा जा रहा काला पानी गंगा नदी को दूषित कर रहा है। यह रासायनिक पानी को जहरीला बना रहा है। गांवों में बदबू इस कदर फैल चुकी है कि घरों के बाहर खड़ा होना मुश्किल होता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का पानी पीने के बाद मवेशी लगातार बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में जलन, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सिरदर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। आरोप है कि फैक्टरियों और टेनरियों पर प्रशासन की सख्ती न होने के कारण प्रदषित जल नदी में बहाया जा रहा है। कई शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और गंगा संरक्षण से जुड़े विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण रोका नहीं गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों की ओर से अभी तक शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर वह प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को पत्राचार कर जांच कराएंगी। - प्रियंका अग्रवाल, एसडीएम