जिले के सभी थानों में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। मलवां थाने में पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने खुद समस्याओं के निराकरण करने पहुंचे। थाने पर आए 19 मामलों में 14 का निस्तारण कराया
। शहर कोतवाली में एसएसआई राजेंद्र सिंह और राजस्व टीम ने नौ मामलों में सात का निपटारा किया। शहर के ज्वलंत ज्वालागंज स्थित दुकान में किराएदार और मकान मालिक के विवाद का भी निस्तारण हो गया। थरियांव थाने में दस मामलों में छह का निस्तारण, गाजीपुर थाने में 25 मामले 10 निस्तारित, ललौली थाने में छह मामलों तीन निस्तारित, हुसैनगंज में नौ मामलों चार निस्तारित, असोथर थाने में पांच शिकायतों में किसी का निस्तारण नहीं हो सका। मलवां थाने के एसपी की ओर से हल कराए कुछ मामलों की रिपोर्ट-
केस-1 पट्टे में कब्जा करने वाले पर रिपोर्ट- गोपालपुर अढैला गांव निवासी सुनील कुमार को पट्टे की जमीन मिली है, उस जमीन में उमाशंकर निवासी रसूलपुर बिंदकी काफी दिनों से कब्जा किए थे। उनकी जमीन पर नीयत खराब थी। पट्टाधारक दो साल से भटक रहा था। एसपी ने उमाशंकर पर धारा 128 राजस्व संहिता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराकर कब्जा दिलाया गया।
केस-2 पड़ोसी के दरवाजे डाला कूड़ा हुई रिपोर्ट- रामपुर पचभीटा गांव निवासी महेंद्र सिंह ने अपने पड़ोसी अशोक सिंह पर घूरा डालने की शिकायत की। एसपी के आदेश पर दूसरा पक्ष भी बुलाया गया। मामले की स्थलीय जांच के बाद एसपी के आदेश पर अशोक सिंह पर धारा 133 अतिक्रमण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
केस-3- दो पड़ोसियों के विवाद गांव में भरा पानी- हसनापुर सानी गांव के राजबहादुर और कैलाश के मकान आमने सामने हैं। दोनों ने ही सीसी सड़क पर नाले जाम कर अपने चबूतरे बना लिए। दोनों की तरफ से नाले के रास्ते से बहने वाला पानी जाम हो गया। अब एक दूसरे के चबूतरे बढ़ाने की शिकायती की गई। एसपी ने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई। वहां दोनों के चबूतरे सड़क में बने पाए गए। पूरे गांव का पानी इनकी वजह से रुका था। दोनों के चबूतरे ढहाकर पानी का आना जाना शुरू कराया गया।
कच्चा घर गिरते ही जमीन पर हक जताया- मलौनी गांव निवासी वृंदावन ने शिकायत की है कि उसकी जमीन पर फूलचंद्र मकान बनवा रहा है। टीम मौके पर पहुंची तो पता चला फूलचंद्र का कच्चा मकान बना रहा है। वृंदावन का आरोप है कि उसके पास 1971 का इकरारनामा है। वहीं फूलचंद्र ने 1976 की रजिस्ट्री दिखाई। तब एसपी ने फैसला लिया कि वर्तमान में कब्जा जिसका जगह उसकी। कोर्ट के आदेश आने पर होगी कार्रवाई।