जहानाबाद। रेशमी रुमाल आंदोलन में शहीद भारतीय सैय्यद नुसरत हुसैन की कब्र की मिट्टी 10 फरवरी को दिल्ली पहुंच सकती है। इसे सम्मान के साथ जहानाबाद के अमर शहीद माल्टा इंटर कॉलेज परिसर में लाया जाएगा। यहां शहीद के स्मारक की आधारशिला रखी जाएगी।
विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने इस अवसर पर माल्टा के राजदूत हिज एक्सीलेंसी मिस्टर रूबिन गूशी, टर्की के राजदूत अली मूरत एरोजी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के अन्य राजदूतों समेत कई हस्तियों को आमंत्रित किया है। सभी को पत्र भेजकर शामिल होने का अनुरोध किया गया है।
कस्बे के मोहल्ला मियां टोला निवासी हकीम सैय्यद नुसरत हुसैन 1920 में देश की आजादी के लिए रेशमी रुमाल तहरीक में जेल में कैद हुए थे। माल्टा के मर्सा जेल में ही उनका निधन हुआ और उनका अंतिम संस्कार केटर्किस मिलिट्री सिमेट्री कब्रिस्तान में किया गया।
उनकी कब्र की मिट्टी माल्टा की एक यूनिवर्सिटी में कार्यरत सैय्यद उर्फी रजा जैदी भारत लेकर आ रहे हैं। ताकि शहीद की याद में शहीद माल्टा इंटर कॉलेज में स्मारक बनाया जा सके। उर्फी रजा जैदी ने बताया कि माल्टा के राजदूत ने नुसरत हुसैन के परपोते सैय्यद आबिद हसन को 10 फरवरी को शाम तीन बजे दिल्ली बुलाया है।