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तो जिले के माफिया ने मंगाई थी स्मैक

Sun, 24 Jul 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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धरे गए आरोपी दाहिनी ओर से रईस, सुहैल, बन्ने व अमित जाट। - फोटो : अमर उजाला
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बरेली से डिलीवरी लेने के बाद स्मैक तस्कर जिलों में सौदे की खोज के लिए घूमते-घूमते फतेहपुर तक आ गए। इस दौरान इनसे रास्ते में स्मैक खरीदने वाला टकराया नहीं या फिर ठीकठाक सौदा नहीं पटा। इनकी गिरफ्तारी के बाद कई सवाल पीछे छूट गए हैं, जिनका जवाब पुलिस की पूछताछ में भी सामने नहीं आ सका है।
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जिले में उत्तराखंड के स्मैक तस्करों के पकड़े जाने के बाद हलचल मची है। फतेहपुर में शहर के स्मैक अड्डों में ज्वालागंज, मुराइन टोला, अरबपुर, राधानगर, हरिहरगंज, गाजीपुर का शाह, बकेवर, जहानाबाद, मलवां, खागा क्षेत्र के कुछ इलाके जाने जाते हैं। हालांकि जिले में अभी तक पुराने तस्करों में स्मैक की इतनी बड़ी तादाद कभी नहीं पकड़ी गई। आरोपियों को सिर्फ बाजार सजाना होता तो वे सैंपल दिखाकर आर्डर लेते और बाद में सप्लाई देते।


साफ है कि जिले में कोई नया माफिया तैयार हुआ है, जिसने स्मैक की खेप मंगवाई थी। एक करोड़ की स्मैक जिले में कौड़ियों के दाम पर माफिया खरीदता तो एक मुश्त 20 से 25 लाख रुपये का सौदा होता। वहीं पुलिस अपने दावे पर टिकी है कि तस्कर स्मैक का बाजार खोज रहे थे, जबकि तस्करों को रास्ते में कई ऐसे होटल, ढाबे मिल जाते, जहां से आसानी से माल बिक जाता। इसके अलावा स्मैक  बिकने के स्थान हर शहर में चिन्हित होते हैं। वहीं की गलियाें में आसानी से खरीद फरोख्त हो जाती है।
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एक करोड़ के माल को बेचकर 20 लाख थे देने  - फतेहपुर। उत्तराखंड के धरे गए स्मैक तस्कर गिरोह का मुख्य सरगना सुहैल को एक करोड़ का माल कौड़ियों के भाव में मिला था। एक मिलीग्राम स्मैक की बाजार में 100 रुपये के करीब है, जिसकी फुटकर बाजार में कीमत करोड़ों में पहुंचती है।


सुहैल के मुताबिक उसकी रुद्रपुर उत्तराखंड में हार्डवेयर की दुकान है। दुकान का सामान के सिलसिले में बरेली जाता था, जहां उसकी मुलाकात फुरकान निवासी अलीगंज बरेली से हुई थी। आरोप है कि फुरकान पहले से ही इस धंधे में लिप्त था, उसने ही स्मैक दी थी और 100 प्रतिशत शुद्धता का दावा कर मार्के ट बनाने को भेजा था। स्मैक की कीमत बीस लाख के आसपास फुरकान को देनी थी। 17 से 18 लाख रुपये में भी काम चल जाना था। आरोपियों में बन्ने की दुकान भी फर्नीचर की है। वहीं रईस कबाड़ का कारोबारी है। कार चालक अमित जाट की निजी कार है। वह इनके झांसे में फंसा था।



लीडर शानदार होटल में ठहरा, गुर्गे साधारण में- फतेहपुर। स्मैक तस्करों का गैंग लीडर सुहैल हुसैनगंज चौराहे हाईवे पर स्थित एक शानदार होटल में रुका था, उसके  तीनों साथी बन्ने, अमित, रईस शहर के ज्वालागंज इलाके में मामूली होटल में रुके थे। ताज्जुब की बात यह है कि यह जिस होटल में रुके थे। वहां के आसपास का इलाके  में सालों से स्मैक का कारोबार फलफूल रहा है। इससे भी साफ है कि इलाके के ही किसी बड़े स्मैक माफिया से डील होनी थी।



अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह होने का अंदेशा  - तस्करों के पास एक किलो स्मैक बरामद होने में कयास लगाए जा रहे हैं कि इनके पास और स्मैक रही होगी। यह लोग कई जिलों में सप्लाई देते हुए यहां तक आए होंगे। जिले में भी कुछ हिस्सा देना रहा होगा। गिरोह को आगे दूसरों जिलों में जाना रहा होगा।


स्मैकियों को मिली फ्री में स्मैक- तीन साल पहले पकड़ी गई आधा किलो कोकीन का नमूना कोर्ट में फेल हो गया था। फलस्वरूप पुलिस को मामले को स्पंज करना पड़ा था। उस समय आधा किलो कोकीन की कीमत पचास लाख रुपये से अधिक थी। पुलिस ने इस बार किसी तरह की चूक न हो सके। इसलिए पीने वालों को ही दबोच लिया। पुलिस ने प्रारंभिक प्रयोगशाला में जांच के बाद स्मैक पिलाकर जांच कराई। स्मैक पीने वाले भी मस्त हो गए कि पुलिस ने खुद उनके लिए इंतजाम कर डाला।
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