बरेली से स्मैक की मंडी खोजते-खोजते शहर आ पहुंचे उत्तराखंड के चार स्मैक तस्करों को क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात दबोच लिया। इनके पास एक किलो स्मैक मिली। एसपी कलानिधि नैथानी ने दावा किया कि इलाहाबाद रेंज में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक पकड़ी गई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जिले की लैब में प्रारंभिक जांच के बाद इसमें मार्फीन की मात्रा अधिक होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस लाइन में शनिवार दोपहर एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सीओ सिटी समर बहादुर व क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला कोतवाली की फोर्स के साथ हाईवे पर ट्रकों से लूटपाट करने वाले कार सवार गिरोह की तलाश में घूम रहे थे, तभी खबर मिली कि उत्तराखंड के नंबर वाली कार से कुछ सामान तस्करी के लिए आ रहा है। टीम ने भिटौरा बाईपास पर बैरियर लगाकर कार को रोका। तलाशी की बात सुनते ही तस्कर कार छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर सभी को दबोच लिया। कार की तलाशी में स्मैक के पाउच बरामद हुए।
एसपी के मुताबिक पकड़े गए तस्कर सुहैल निवासी इस्लाम नगर वार्ड नंबर छह थाना खटिमा, बन्ने मियां निवासी वार्ड नंबर एक खटिमा, कार चालक अमित जाट उर्फ वीरा भाई निवासी झनकईया पकड़िया थाना खटिमा, रईस पुत्र खलील अहमद निवासी चंद्रवाटिका भूड़ थाना खटिमा जिला उधम सिंह नगर (सभी उत्तराखंड) हैं।
एसपी ने बताया कि बरेली जिले के अलीगंज का फुरकान फर्नीचर कारोबारी है। उससे सुहैल की जान पहचान थी। फुरकान ने गैर जिलों में स्मैक सप्लाई करने का रास्ता बताया। इसके लिए पहले मार्केट खोजने की बात कही। ये लोग कई जिलों में स्मैक की मंडी खोजते-खोजते शहर आए थे। उन्हें ठीकठाक भाव देने वाले लोकल कारोबारी नहीं मिल रहे थे। एसपी ने बताया कि फुरकान की तलाश में टीम रवाना की गई है। तस्करों से चार मोबाइल भी बरामद हुए हैं।
एसपी ने धरपकड़ करने वाली टीम में रहे कोतवाल आरके पांडेय, एसआई एमपी त्रिपाठी, अर्जुन सिंह, राजेश सिंह, राजेंद्र प्रसाद, रंजीत यादव, अनिल सिंह, रजनीश पांडेय, कमलेश कुमार को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है। मोबाइलों की जांच सर्विलांस से कराने को कहा है।