बेमौसम बारिश से फसलों की तबाही देखकर अलग-अलग गांवों में चार किसानों की सदमे से मौत हो गई। इनमें एक महिला किसान है।
थरियांव थाना क्षेत्र के औरेई गांव का भारत कोरी (52) बारिश के बाद सुबह खेतों में खड़ी फसल देखने गया। पानी में उतराती गेहूं की फसल देखकर वह मायूस हो गया। इसके बाद घर वापस आते ही अचानक गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
मृतक को देखकर परिजनों में हाहाकार मच गया। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि मृृतक को कर्ज के साथ 18 वर्षीय लड़की के शादी की चिंता सता रही थी। मृतक किसान के पास चार बीघा खेत है, जिसकी बुआई में किसान ने साहूकार से कर्ज ले रखा है।
इसी प्रकार क्षेत्र के रामपुर इमादपुर गांव के रामपाल (58) की सदमे से मौत हो गई। मृतक के पुत्र राकेश ने बताया कि 15 बीघा गेहूं की बुआई की है। एसबीआई थरियांव में केसीसी बनी हुई है, जिससे गेहूं की फसल में एक लाख रुपये लोन लिया था। पिता को कर्ज चुकाने की चिंता रात-दिन सता रही थी।
सोमवार व मंगलवार की बारिश में गेहूं की फसल डूब गई है। तब से वह ज्यादा परेशान दिख रहे थे। असोथर प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र के भैरवां गांव में फसल बर्बादी से बुधवार को एक और किसान की मौत हो गई। सूचना पर राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर जानकारी हासिल की है।
गांव निवासी बलदेव मौर्या का 50 वर्षीय पुत्र संतोष के पास करीब दस बीघा खेत है। उसने खेतों पर गेहूं की फसल लगाई थी। वह बुधवार सुबह खेतों पर गया था। खेतों में लगी गेहूं की फसल की बालियां को हाथ से मसलने लगा। तभी उसे बर्बाद फसल देखकर सदमा लगा और उसकी मौत हो गई। कस्बा क्षेत्र में ओलावृष्टि और बरसात में सारी फसल बर्बाद हो गई।
ग्राम प्रधान राजेश्वरी गुप्ता ने घटना की सूचना लेखपाल छत्रपाल को दी। लेखपाल मौके पर पहुंचा और फसल का जायजा लिया। परिजनों ने बताया कि फसल की तबाही से कई दिनों से संतोष परेशान रहता था। सदमे में उसकी मौत हो गई है।
जाफरगंज प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र के खूंटाझाल गांव में एक महिला की मंगलवार को फसल बर्बादी का सदमे लगने से मौत हो गई। गांव निवासी ऊषा देवी (50) पत्नी महावीर गुप्ता मंगलवार की शाम खेतों पर गई थी। वह खेतों पर ही अचानक बेहोश हो गई।
परिजन उसे डाक्टरों के रेफर करने पर कानपुर ले गए। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि वह गेहूं कटाई के लिए गई थी। जहां पर फसल की बर्बादी देखकर सदमे में आ गई थी।