फोटो-04-कलक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन के लिए खड़े शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारी। संवाद
फतेहपुर। कलक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। संघ पदाधिकारियों ने सेवा संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनकी कई प्रमुख समस्याएं अब भी लंबित हैं। उन्होंने बताया कि तीन जनवरी 2025 के शासनादेश में शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी और महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान की ग्राम पंचायत स्थित विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया था।
लखनऊ और बाराबंकी समेत कई जिलों में इसका पालन हो चुका है। जिले में अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इससे कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यालय जाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला स्तर पर शासनादेश लागू कर मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो 25 अगस्त के बाद शिक्षामित्र अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।
जिला महामंत्री रविंद्र पटेल ने मांग की कि शिक्षकों की तरह शिक्षामित्रों को भी विभागीय विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल किया जाए। 12 माह का मानदेय, सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष, 14 दिन का आकस्मिक अवकाश (सीएल), चिकित्सीय अवकाश और अन्य सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान ओम पटेल, अखिलेश गुप्ता, विशाल शुक्ला, राजेंद्र यादव, अमित भदौरिया, सत्येंद्र सिंह, कोमल सिंह समेत अन्य शिक्षामित्र मौजूद रहे।
फोटो-04-कलक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन के लिए खड़े शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारी। संवाद