सिंचाई खंड की कई माइनर व रजबहा विभागीय अधिकारियों
के उदासीनता का शिकार है। रामगंगा नहर की मिर्जापुर माइनर, चंपतपुर माइनर,
हंसवा रजबहा, रसूलाबाद माइनर, संवत रजबहा समेत कई नहर की शाखाओं में एक साल
से नहर का पानी नहीं आया है। सिल्ट सफाई के नाम पर विभाग हर वर्ष लाखों
रुपये खर्च कर रहा है। प्रदेश सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ किसानों
को नहीं मिल रहा है।
प्रदेश सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना कागजों में
सिमट कर रह गई है। नहरों से होने वाली सिंचाई का लाभ किसानों को नहीं मिल
रहा है। रामगंगा नहर में 15 दिन का रोस्टर 26 जनवरी से चल रहा है।
जिसका
रोस्टर मंगलवार को खत्म हो जाएगा। कनकपुर गांव के किसान दयाराम, सेनपाल,
जयसिंह और अशोक कुमार ने बताया कि मिर्जापुर माइनर में एक साल से पानी नहीं
आया है। मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
विभाग हर साल माइनर
की सिल्ट सफाई करा रहा है, लेकिन टेल तक पानी पहुंचाने का प्रयास नहीं करते
हैं। इससे माइनर के आसपास की फसलों को भी निजी नलकूपों से सिंचाई करनी
पड़ती है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड ओपी चौधरी ने कहा कि रोस्टर में
मिलने वाले पानी को अधिक से अधिक माइनरों व रजबहों में पहुंचाने का प्रयास
किया जाता है। जिनमें पानी नहीं पहुंच रहा है, उनके लिए अवर अभियंताओं को
पानी पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।