उरई। मनरेगा के कार्याें में फर्जीवाड़ा करने में बीडीओ ने शनिवार को तकनीकी सहायक व ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही लेखाकार पर कार्रवाई के लिए डीडीओ को पत्र लिखा है।
माधौगढ़ बीडीओ गणेश कुमार वर्मा को क्षेत्र के रूपापुर गांव में मनरेगा से कराए जा रहे कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। उन्होंने 30 मई 2025 को ग्राम पंचायत रूपापुर का निरीक्षण किया। यहां पर चकबंध निर्माण कार्य होता हुआ कागजों पर दिखाया जा रहा था। इस कार्य को करने के लिए 48 मजदूर दिखाए जा रहे थे। मौके पर केवल 15 मजदूर थे। कागजों में दिखाया जा रहा था कि काम 12 दिन से किया जा रहा है। धरातल पर काम को एक या दो दिन का ही पाया गया।
दूसरे काम में गंधा नाला से पड़कुला मोजा तक चकबंध निर्माण चल रहा था। इस पर मस्टररोल में 130 मजदूर काम कर रहे थे, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा था। जिस पर काम होता दिखाया जा रहा था वह चकरोड पहले से ही बना हुआ था।
इस पर उन्होंने दो जून को सभी भुगतानों पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक रहीस हासमी, कंप्यूटर ऑपरेटर सुरेंद्र व लेखाकार संतोष गोस्वामी बिना सचिव के ही भुगतान कराने का प्रयास कर रहे थे। बीडीओ ने इसपर सभी से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन तीनों संतोष जनक जवाब नहीं दे सके। इस पर बीडीओ ने डीसी मनरेगा को कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा। शनिवार को डीसी मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाह ने तकनीकी सहायक व ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की है। साथ ही लेखाकार पर कार्रवाई के लिए डीडीओ को पत्र लिखा है।