समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसत्रा चुनाव को लेकर पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। हालांकि इनमें दो प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्हें सपा ने बगावत के आरोप में निष्कासित किया था। अब इन्हें दोबारा टिकट थमा दिया है। ऐसी स्थिति में पार्टी के अंदरखाने में खदबदाहट चल रही है। यह टिकट फाइनल है या फिर बदलेगी, इसके लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है।
पालिका चेयरमैन को मिला मौका
सपा ने सदर विधानसभा सीट पर नगर पालिका चेयरमैन चंद्र प्रकाश लोधी को प्रत्याशी घोषित किया है। एलएलबी डिग्रीधारी चंद्रप्रकाश के पिता पिता कृष्णदत्त उर्फ बालराज खागा से चार बार विधायक रहे। सियासी पृष्ठभूमि होने की वजह से पार्टी ने इन पर विश्वास जताया है। टिकट मिलने के सवाल पर चंद्रप्रकाश का कहना है कि उनके जनहित के कार्यों को देखते हुए पार्टी ने मौका दिया है।
छात्र राजनीति से शुरू हुई सियासी राह
सपा ने बिंदकी विधानसभा क्षेत्र से समरजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। एमएससी, एमएड डिग्रीधारी समरजीत सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं और पार्टी से निष्कासित भी रहे। वर्ष 1980 में कानपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद सपा की राजनीति में सक्रिय हुए। सपा युवजन सभा के अध्यक्ष रहे और फिर सपा के जिलाध्यक्ष बने। टिकट मिलने के सवाल पर समरजीत सिंह का कहना है कि संगठन को सक्रिय करने में निभाई भूमिका की वजह से मौका मिला है।
तीन बार जिपं की जीत से आसान हुई राह
खागा विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश गिहार फिलहाल जिला पंचायत सदस्य है। एमए तक पढ़ाई करने के बाद राजनीति में उतरे। इनके पिता दुर्गा प्रसाद व्यवसायी थे। वर्ष 2002 में सपा के जिला महामंत्री बने। जबकि 1995 व 2005 में जिला पंचायत सदस्य रहे। 2007 में सपा से किशनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और फिर 2012 में अपना दल से खागा से चुनाव लड़े । दोनों बार चुनाव हारे थे।
सफीर पर जताया भरोसा
हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा का टिकट हासिल करने वाले मोहम्मद सफीर इंटर पास है। वर्ष 2002 में बसपा के टिकट से विधायक बने थे। इसी कार्यकाल में विधायक रहते सपा में शामिल हुए। 2007 में 32 हजार वोट पाकर भाजपा के रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह से हारे। 2012 के विधान सभा चुनाव में टिकट नहीं मिला। वर्तमान में हुसैनगंज विधान सभा क्षेत्र के प्रभारी हैं।
पार्टी ने जताया विश्वास
अयाह शाह विधानसभा क्षेत्र से सपा ने दलजीत निषाद को उम्मीदवार बनाया है। स्नातक डिग्रीधारी दलजीत के पिता देवीदीन निषाद मुंबई में पान का व्यवसाय करते हैं। दलजीत 18 जनवरी 1999 को सपा में शामिल हुए। 2002 व 2007 में हंसवा विधान सभा क्षेत्र से सपा से चुनाव लड़े । दोनों बार हारे। वर्ष 2012 में टिकट नहीं मिला। लोकसभा चुनाव के दौरान कुछ महीने के लिए जिलाध्यक्ष भी बनाए गए।