बहुआ विकास खंड क्षेत्र के गोपालपुर गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में लगे सभी इंडिया मार्का हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर निजी नलकूप से तालाब में पानी भर दिया है, जिससे पशुओं की पेयजल समस्या तो दूर हो गई है लेकिन लोगाें के सामने अभी पीने के पानी का संकट है।
गांव के रामसागर अवस्थी के निजी नलकूप से लोग पानी भर कर लाते हैं, जिससे लोग प्यास बुझा रहे हैं। बहुआ विकास खंड क्षेत्र के गोपालपुर गांव में 13 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। जलस्तर घटने से सभी हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है।
गांव के भगत यादव ने बताया कि पशुओं की प्यास बुझाने के लिए तो तालाब में पानी भर दिया गया है, लेकिन खुद की प्यास बुझाने के लिए सुबह से नलकूप में बिजली का इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीण मनीष, अमरपाल ने बताया कि प्रशासन स्तर से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने का ज्ञापन दिया गया है।
अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। बिजली न आने पर नलकूप भी नहीं चल पाता तब पेयजल समस्या और जटिल हो जाती है। लोगों को ड्रम व टंकियों में पानी भरकर दो दिन तक रखना पड़ता है। लगातार सूखे की मार से भूगर्भ जलस्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है।
यमुना तिरहार क्षेत्र में 100-125 फुट नीचे भूगर्भ जलस्तर पहुंच गया है। जलस्तर घटने से निजी नलकूप भी जवाब देने लगे हैं। गांव में लगे हैंडपंप भी ठूंठ बन गए हैं। लोगों को प्यास बुझाने के लिए निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह से ही बिजली के आने व नलकूपों से पानी भरने की चिंता लोगों को सताने लगती है।
जिले के असोथर, बहुआ, विजईपुर, खजुहा, देवमई विकास खंड के गांवों में पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। जलस्तर गिरने से हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं। जिन हैंडपंपों से पानी निकल रहा है, उनमें सुबह से ही पानी भरने वालों की लाइन लग जाती है।