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नियम ताक पर रख हो रही हरे पेड़ों की कटान, चल रही आरा मशीनें

Sun, 31 May 2015 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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ब्लाक के कई गांवों में हरे पेड़ों की कटान धड़ल्ले से जारी है। वन माफिया में न पर्यावरण के प्रति संजीदगी है और न ही पुलिस का डर। ग्रामीणों ने बताया कि वन दरोगा व पुलिस से कई बार शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। माफिया एक पेड़ा का परमिट लेकर दर्जनों पेड़ कटा डालते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दो माह में दर्जन से ज्यादा गांवों में करीब डेढ़ सौ हरे पेड़ काटे जा चुके हैं।  
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हंसवा चौकी से महज चंद कदम की दूरी पर पिछले तीन दिन से हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। लोहिया गांव केशवपुर में आधा दर्जन नीम, महुवा व आम के पेड़ काट दिए गए। केशवपुर गांव के बाहर नहर के पास मजदूर पेड़ काटने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कटान की सूचना विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक कोई भी विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है।  वहीं एक अन्य कटान में हंसवा बस  स्टाप पर नीम का पेड़ काटा जा रहा है। जबकि पुलिस दिन में कई बार यहां से गुजरती है।  पुलिस जानकारी के बावजूद कार्रवाई से बचती है। हंसवा चौकी प्रभारी नरेश कुमार प्रजापति का कहना है कि मामले का पता करवाते हैं।  क्षेत्र में आरा मशीनें भी चलाई जा रही हैं। भले ही वन विभाग आरा मशीनों का संचालन पूरी तरह ठप बता रहा हो, लेकिन सच्चाई यह है कि अभी भी इन पर अंकुश नहीं हो पा रहा है। मवई गांव में आरा मशीन से खुले आम लकड़ी की चिराई हो रही है। इसी तरह क्षेत्र के एकारी, बहरामपुर आदि गांवों में भी आरा मशीनें संचालित हैं।
इनसेट
बड़े साहब का ड्राइवर चला रहा सिंडीकेट
फतेहपुर। वन विभाग के  एक बड़े साहब का ड्राइवर पेड़ों की कटान में महती भूमिका निभा रहा है। कहने को तो यह महज एक ड्राइवर है, लेकिन विभाग में वन माफिया इसे बड़े साहब से बढ़ कर मानते हैं। किसी वन माफिया को कटान का परमिट बनवाना हो तो इसी से संपर्क साधते हैं। एक पेड़ का परमिट होने के बाद फिर वन मफिया इसके सहारे से कई पेड़ कटवा डालते हैं।
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कोट
पेड़ों के कटान की जानकारी नहीं है। मौके पर कर्मचारियों को भेजकर मामला  दिखवाया जा रहा है। यदि कोई भी कटान है, तो कार्यवाही की जाएगी। क्षेत्र में कहीं पर भी आरा मशीने संचालित नहीं हैं। अभियान चलाकर सभी आरा मशीनों को सीज किया जा चुका है। केवल लीगल आरा मशीने ही संचालित हैं। - एसके श्रीवास्तव, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फतेहपुर।
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